परिवहन निगम को लगेगी करोड़ों की चपत

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, मंडी

लोगों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने वाली एचआरटीसी का पहिया जाम होने वाला है। निगम और सरकार से खफा 300 के करीब चालक-परिचालक पहली नवंबर से सामूहिक अवकाश पर जाने वाले हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम में गठित कंडक्टर यूनियन ने विरोध का झंडा बुलंद कर दिया है। ऐसे में अनुबंध पर नियुक्तियां पाने वाले 13 सौ के करीब चालक-परिचालक सामूहिक अवकाश पर गए, तो एचआरटीसी को जहां करोड़ों रुपए का घाटा होगा,वहीं दूसरी तरफ राज्य की रफ्तार भी थम जाएगी। यूनियन के अधिकारी कह रहे हैं कि इससे आधे रूट पूरी तरह से बंद हो जाएंगे तथा इसका असर अन्य रूटों पर भी पड़ेगा। अनुबंध पर नियुक्ति पाने वाले इन चालकों-परिचालकों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। कर्मचारी पहले से ही कम पगार की मांग निगम प्रबंधन से उठा चुके हैं। इसी बीच 65 फीसदी डीए देने के फरमान भी जारी किए गए, लेकिन कर्मचारियों की जेबों तक कुछ नहीं पहुंचा। इसी से खफा इन कर्मचारियों ने दबाव की रणनीति को धरातल पर उतारते हुए पहली से सात नवंबर तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला ले लिया है। यूनियन ने अध्यक्ष प्यारे लाल कश्यप की अध्यक्षता में बैठक कर सामूहिक हड़ताल का फैसला लिया है। यूनियन के महासचिव किशन चंद कहते हैं कि मांगें नहीं मानीं, तो सामूहिक अवकाश के फैसले को लागू किया जाएगा। निगम के 50 फीसदी से ज्यादा रूट बंद हो जाएंगे।

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