प्रशासन ध्यान दे

– पल्लवी शर्मा, ज्वालामुखी

जिस तरह पिछले शनिवार कांगड़ा के समीप एक स्कूली बच्चे की मौत हुई उसे सरासर लापरवाही के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता। बस में छोटे बच्चों की सुरक्षा के तहत सारे इंतजाम पुख्ता होने चाहिए। कायदे से एक की जगह दो हेल्पर और एक टीचर हमेशा साथ होनी चाहिए। जिस रफ्तार से ये स्कूल बसें समय कवर करने के लिए दौड़ लगाती हैं, उसके दौरान ऐसा कोई भी हादसा हो सकता है। जिस तरह नन्हे बच्चे काव्य गौरव की मौत हुई वह स्कूल प्रशासन की अक्षम्य भूल है। स्कूल बस में बच्चे को चढ़ाने के बाद माता-पिता यह सोच लेते हैं कि बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच जाएगा पर यहां तो असमय की मौत मिली। जरूरी है कि हर स्कूल प्रशासन एक सही ट्रेफिक नियम का पालन करने के लिए निर्देश दे। प्रदेश सरकार से भी आग्रह है कि छोटे बच्चों को स्कूल ले जाने वाली बसों की गति निर्धारित करे तथा उनकी सुरक्षा के लिए कडे़ निर्देश दे। जो दुर्घटना एक बार घट गई वह कतई दोबारा नहीं घटनी चाहिए। नियम हर स्कूल सख्ती में लागू हों, ताकि अभिभावक निश्चिंत होकर बच्चों को स्कूल भेज सकें।

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