फर्जीबाड़ा जांच कमेटी का आकार बढ़ा

मस्तराम डलैल, धर्मशाला

परीक्षा फर्जीबाड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच कर रही उच्च स्तरीय कमेटी में 18 अतिरिक्त अधिकारियों को शामिल किया है। हिमाचल मंत्रिमंडल द्वारा आईएएस अधिकारी ओंकार शर्मा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी में अब 21 सदस्य मिलकर जांच करेंगे। इनमें सात प्रिंसीपल, पांच प्रवक्ता और छह अधीक्षक शामिल किए गए हैं। राज्य सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर जांच टीम के नए सदस्यों को शुक्रवार से परीक्षा फर्जीबाड़े की जांच में जुट जाने के आदेश जारी किए हैं। तीन सदस्यीय ओंकार शर्मा की समिति में अन्य 18 सदस्यों में डिग्री कालेज धर्मशाला के प्रिंसीपल सतीश शर्मा, नगरोटा बगवां कालेज के आरसी चोपड़ा, रक्कड स्कूल के प्रिंसीपल राकेश शर्मा, दरंग स्कूल के प्राचार्य महेश नाग, दरगेला स्कूल के प्राचार्य नरेश लगवाल तथा फरसेटगंज स्कूल के प्राचार्य राम सिंह को शामिल किया गया है। धर्मशाला कालेज के फिजिक्स प्रवक्ता केएस अत्री, इसी कालेज के अंग्रेजी के प्रवक्ता नरेश शर्मा, म्यूजिक प्रवक्ता सुरेश शर्मा और केमिस्ट्री के प्रवक्ता शेर सिंह को उच्च स्तरीय जांच समिति में रखा गया है। सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के छह अधीक्षक भी शामिल किए गए हैं। इनमें करेरी स्कूल के किशन चंद डोगरा, मोहल स्कूल के संजीव ठाकुर, दरंग स्कूल के संसार चंद, खनियारा स्कूल के सुख सागर, बाल स्कूल धर्मशाला के रवि पाल तथा प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक के अधीक्षक शिशु पाल को शामिल किया गया है। सूचना के अनुसार मामले की  जांच के लिए 24 सिंतबर को धर्मशाला पहुंचे ओंकार शर्मा ने इस लंबी जांच के लिए उन्हें दी गई दो सदस्यों की टीम को नाकाफी बताया था। इसके चलते उन्होंने  राज्य सरकार से इसमें शिक्षा विभाग के और अधिकारियों को शामिल करने का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने माना कि परीक्षा फर्जीबाड़े में पांच लाख परीक्षार्थियों से जुड़े रिकार्ड की जांच के लिए समिति का दायरा बढ़ाना जरूरी है। लिहाजा सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि आेंकार शर्मा की समिति में इससे पहले उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक योगेश शर्मा और कांगड़ा जिला शिक्षा उप अधिकारी सतीश धीमान शामिल थे।

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