बापू के आदर्श अपनाने का आह्वान

दिव्य हिमाचल ब्यूरो,  शिमला

महात्मा गांधी ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा दो अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय अंिहंसा दिवस व गांधी जयंती के अवसर पर शिमला के बचत भवन में एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें देश तथा प्रदेश के गांधीवादी विचारकों एवं चिंतकों ने भाग लिया। सेमिनार में स्कूली बच्चों तथा हिमाचल विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता महात्मा गांधी फाउंडेशन के चेयरमैन डा. प्रमोद शर्मा ने की तथा भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक प्रेम शर्मा व मुख्यातिथि थे। इस अवसर पर प्रतिभागियों को फाउंडेशन की तरह से स्मृति चिन्ह एवं सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। समारोह की शुरुआत गांधी के प्रिय भजनों से की गई। फाउंडेशन के चेयरमैन डा. प्रमोद शर्मा ने गांधी को एक वैश्विक संत करार देते हुए कहा कि गांधी दर्शन विश्व मानवता के लिए एक ऐसा पथ है, जो जीवन को सुंदर एवं समृद्ध बना सकता है। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि पश्चिम तथा यूरोप अमरीका और अफ्रीका में गांधी के प्रशंसकों की संख्या बढ़ रही है। भारत में इस विषय को नजरअंदाज किया जा रहा है। मुख्यातिथि प्रेम शर्मा ने कहा कि गांधीवाद एक ऐसा पथ है, जो सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन एवं भाईचारे पर आधारित है। भारत को इस पर गर्व है कि वह गांधी का जन्मदाता है। इस अवसर पर प्रो. सुरेश कुमार ने महात्मा गांधी को दबे, कुचले और हरिजनों का नेता एवं प्रणेता बताया। डा. ममता मोक्टा ने कहा कि 1909 में लिखी गांधी की पुस्तक हिंद स्वराज आज भी भारत तथा विश्व के लिए प्रासंगिक है। इस अवसर पर फाउंडेशन के चेयरमैन डा. प्रमोद शर्मा ने कहा कि वर्ष पर्यंत महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को लेकर प्रदेश के बारह जिलों में हर महीने एक सेमिनार आयोजित करने की परंपरा इसी वर्ष से शुरू की जाएगी और प्रत्येक गांव में एक गांधी प्रचारक भी फाउंडेशन द्वारा नियुक्त किया जाएगा। सेमिनार में सिटी पब्लिक स्कूल कमलानगर, शोभा पब्लिक स्कूल ढली, कान्वेंट जीसस एंड मैरी के छात्र-छात्राओं एवं विवि के छात्रों ने अपने विचार रखे।

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