बेनाम पत्र ने रोकी सुनवाई

दिव्य हिमाचल ब्यूरो, धर्मशाला

मेडिकल छात्र अमन काचरू रैगिंग मामले में एक अज्ञात व्यक्ति के अदालत को भेजे गए पत्र ने कोर्ट की कारवाई रोक दी। गुरुवार को इस मामले मे बहस होनी थी, लेकिन अदालत के नाम पहुंचे इस पत्र पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से इस पर आठ अक्तूबर को जवाब मांगा है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जीवन लाल ने बताया कि काचरू मामले की गुरूवार को बहस होनी थी। अदालत के शुरू होते ही न्यायधीश ने कोर्ट को भेजे गए अज्ञात व्यक्ति के पत्र का हवाला देते हुए अधिवक्ता को इसे पढ़कर सुनाने को कहा। पत्र में लिखा गया था कि अमन काचरू की हत्या के आरोपी चारों मेडिकल छात्र निर्दोष हैं।

काचरू की मौत का कारण आरोपी छात्र नहीं हैं। अधिवक्ता जीवन लाल ने बताया कि इसका संज्ञान लेते हुए अदालत ने कार्रवाई स्थगित कर दी और इस पत्र पर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि अदालत के आदेश पर कारवाई करते हुए इस पत्र की प्रति एसपी कांगड़ा को भेज कर कांमेंट्स मांगे गए हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता नें बताया कि यह पत्र अदालत को गुमराह करने के लिए भेजा गया। दूसरी ओर पत्र भेजने वाले व्यक्ति ने यह भी दावा किया है कि वह पुलिस में अधिकारी है। फिलहाल इस केस में नया मोड़ आ गया है।

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