भरमौर भालुओं-बंदरों के आतंक से परेशान

स्टाफ रिपोर्टर, भरमौर

भरमौर उपमंडल की विभिन्न पंचायतों में भालुओं एवं बंदरों के तांडव से लोग परेशान हैं। उपमंडल की खणी, ग्रीमा, संचूई, गरोला, पूलिन एवं सियूर पंचायतों के लोगों ने वन विभाग से आग्रह किया है कि इनके द्वारा किए जा रहे नुकसान से निजात दिलाई जाए। लोगों का कहना है कि बंदर लोगों के घरों की छतों पर सुखाने डाली मक्की को भी उठाकर ले जा रहे हैं। ये उत्पाती डराने से भी नहीं भागते। वहीं सर्दियों के लिए इकट्ठे किए गए पशुओं के चारे को भी तहस-नहस कर रहे हैं। यहां तक कि सेब के पौेधों की टहनियों को भी चीर-फाड़ कर रहे हैं। किसान-बागबान जंगली जानवरों के इस कहर से काफी नाखुश हैं। वहीं भालू भी इस कार्य में उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं। शाम ढलते ही भालुओं का खेतों व घरों के पिछवाड़े तक पहुंचना आरंभ हो जाता है तथा लोगों को घरों से बाहर निकलना बंद हो जाता है। लोगों ने वन विभाग से आग्रह किया है कि इनके प्रकोप से निजात दिलाई जाए। उधर, इस संदर्भ में वन विभाग का कहना है कि गांव के लोग समूह में इकट्ठा होकर इनको आतिशबाजी करके गांव से दूर खदेड़ें, ताकि पुनः यह रिहायशी क्षेत्रों की ओर न आएं।

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