संतों की तपस्या और लोकतंत्र की जीत हुई

चौंतड़ा विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के प्रतिनिधि सदस्य एवं हिंदू मठ मंदिर बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महात्मा गोविंद दास वैष्णव ने लखनऊ उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा सुनाए गए फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने सिद्ध कर दिया है कि अयोध्या में राम मंदिर था। महात्मा वैष्णव ने कहा कि राम जन्मभूमि विवादित केस 1528 ई. से चला आ रहा था और बाबर ने आक्रमण करके मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई थी, जिसका रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। उन्होंने मुस्लिम समाज से आह्वान किया है कि राष्ट्र पे्रम को देखकर राष्ट्र हित में राम मंदिर बनाने के लिए सहयोग करें, ताकि आपसी भाईचारा बना रहे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर मुद्दे पर ऐतिहासिक फैसला हनुमत जागरण, संतों की साधना, राम भक्तों की आराधना और राम जन्मभूमि के नायक संत सिपाही व योद्धा स्वामी रामचंद्र परमहंस के संघर्ष का फल है।

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