सामूहिक इस्तीफा

कार्यालय संवाददाता, ठियोग

ठियोग-हाटकोटी राजमार्ग के निर्माण कार्य में चीन की कंपनी के 20 मजदूरों ने शनिवार को सामूहिक त्यागपत्र देकर काम छोड़ दिया। 14 अक्तूबर को कंपनी में काम कर रहे सुंदरनगर निवासी परमदेव ठाकुर के साथ कंपनी के लोगों ने बुरी तरह मारपीट की थी और इस दौरान मजूदर को दो घंटे तक बंद कमरे में रखा था। शनिवार को यह सब देख मजदूरों ने काम छोड़ दिया। शनिवार को 20 मजदूरों ने ठियोग में कंपनी के कथित अत्याचार के खिलाफ एसडीएम कार्यालय तक रैली निकालकर नारेबाजी की। रैली ठियोग बाजार में भी निकाली गई। मजदूरों ने एसडीएम कार्यालय में सब-तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल को स्थिति से अवगत करवाते हुए एक ज्ञापन भेजा, जिसमें कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। उधर, ठियोग पुलिस ने मारपीट में जिन पांच नामजद अधिकारियों को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया था, उन्हें छोड़ दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई पर भी मजदूरों ने नाराजगी जाहिर  की है और पुलिस अधीक्षक शिमला से घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कंपनी में काम करने वाले परमदेव ठाकुर के नाक व आखों सहित पूरे शरीर में गहरी चोटें आई हैं। चीनी कंपनी पर इस तरह के लगने वाले आरोपों की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी श्रम विभाग में कंपनी के खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं। जबकि इसके अलावा खोलगली गजेड़ी के पास एक गांव ढहने की स्थिति में है, जिस पर कंपनी का कहर निरंतर जारी है। इसके अलावा कंपनी में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि 12 घंटे काम करवाया जाता है, जबकि इसके लिए कोई ओवर टाइम नहीं दिया जाता। खाना  समय पर नहीं मिलता, गाडि़यों की आवाजाही का कोई समय नहीं है। उधर, घटना को लेकर शनिवार को मजदूरों के साथ रैली में भाग लेते हुए देवरीघाट पंचायत प्रधान  व कामरेड बालकृष्ण बाली, नौजवान सभा इकाई सचिव सुरेश वर्मा ने कहा है सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा  करे और जिस तरह से मजदूरों पर अत्याचार हो रहा है पुलिस को इस बारे में निष्पक्ष कार्रवाई अमल में लानी चाहिए। बालकृष्ण बाली ने कहा है कि कंपनी के इससे पहले भी कई तरह के मारपीट के मामले सामने आए हैं। उधर, जिला परिषद सदस्य सोहन ठाकुर ने भी मामले की जांच की मांग की है। पीडि़त मजदूर परमदेव ठाकुर का कहना है कि 14 अक्तूबर को वह घर से छुट्टियां काट कर आया था, जिसके पश्चात उसे एक कमरे में ले जाकर पहले पीटा गया, फिर दो-तीन घंटे बंद रखा गया। परमदेव लोडर चलाता था। 20 मजदूरों में नरेश, महेंद्र, पूनिया, संजय, राजेश, रणजीत, मिल्खीराम, भरत कुमार, कमलेश ठाकुर, सुरेंद्र, रविंद्र, भानु प्रताप, लेखराज, नोखू राम, श्याम, ललित और धर्म सिंह प्रकाश शामिल हैं। पीडि़त मजदूर इस संदर्भ में शनिवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह से भी मिले तथा उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया।

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