ख्वाब बना फिल्म सिटी

हिमाचल में फिल्म सिटी स्थापित करने के प्रयास पिछले 15 वर्षों से चल रहे हैं। मगर यथार्थ में सिरे नहीं चढ़ सके हैं। पहले सोलन जिला के कुनिहार में फिल्म सिटी स्थापित करने की घोषणाएं हुईं। उसके बाद मनाली, शिमला, डलहौजी और अन्य पर्यटन स्थलों में भी इस पर आधारित ऐलान किए गए। मगर यथार्थ में न तो बालीवुड से कोई निवेशक इस ओर गंभीरता दिखा सका, न ही निजी क्षेत्र में इस ओर ठोस प्रयास किए गए। कुछ अरसा पहले ही अब बलराज साहनी अकादमी की तरफ से राज्य सरकार को यह प्रस्ताव मिला है कि अकादमी हिमाचल की राजधानी शिमला में या फिर किसी अन्य उपयुक्त स्थल पर अकादमी स्थापित करना चाहती है। अकादमी की तरफ से बलराज साहनी के सुपुत्र विख्यात सिने अभिनेता परीक्षित साहनी ने यह पेशकश की है। मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने इस प्रस्ताव को लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माताओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधोसंरचना सृजित कर रही है, ताकि वे नैसर्गिक सौंदर्य से लबालब हिमाचल में फिल्मों की शूटिंग कर सकें। मौजूदा सरकार शिमला, मनाली, मकलोडगंज व डलहौजी में भी फिल्म सिटी स्थापित करने के लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जानकारी मिली है कि इस प्रयास में बालीवुड के निवेशकों को भी आकर्षित किया जा रहा है। दिल्ली में हुए रोड शो के दौरान भी इस बारे में बड़े पर्यटन व्यवसायियों से चर्चा किए जाने की सूचना है। इससे पहले के प्रस्ताव हालांकि सिरे नहीं चढ़ सके थे, मगर अब सरकार की गंभीरता को देखकर कहा जा सकता है कि बलराज साहनी अकादमी द्वारा दी गई ऑफर सिरे चढ़ सकती है। पर्यटन विशेषज्ञों की राय में यदि शिमला, मनाली, धर्मशाला व डलहौजी में फिल्म सिटी स्थापित करने के प्रयास गंभीरता से किए जाते हैं, तो इनका पर्यटन विकास पर भी दूरगामी असर पड़ सकता है।

You might also like