सवा करोड़ के पार

इलेक्ट्रोनिक बाजार

फेस्टिवल सीजन के मद्देनजर बाजार में इलेक्ट्रानिक्स कंपनियों ने अपनी चकाचौंध बढ़ा दी है और हिमाचली बाजार भी इस चकाचौंध से सराबोर हैं। 90 के दशक के बाद हिमाचल में आई अचानक समृद्धि के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की खरीदारी का ऐसा प्रचलन चला और बढ़ा कि अब समूचे हिमाचल भर में त्योहारों के समय इलेक्ट्रोनिक्स उत्पादों की काफी खरीददारी की जाती है और विशेषकर भारत में सबसे बड़े त्योहार के रूप में मनाए जाने वाले दिवाली पर्व पर इलेक्ट्रानिक्स उत्पादों की सबसे ज्यादा खरीद की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक दिवाली पर्व के महीने में ही करीब हिमाचली बाजारों से करीब 115 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की खरीद की जाती है। 1995 के बाद तेजी से बढ़े हिमाचली इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार की तासीर भांपकर यहां अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपना नेटवर्क बिछाना शुरू किया, जिसका विस्तार निरंतर जारी है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में मुख्य सैमसंग, सोनी, हिटाची, एलजी, तोशिबा, हायर, इलेक्ट्रोलेक्स, फिलिप्स आदि कंपनियां हिमाचली बाजार में आपार संभावनाओं को देखते हुए अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगी हैं। हालांकि मुख्य स्पर्धा अभी तक सैमसंग व एलजी के बीच है, लेकिन सैमसंग के अधिकारियों के दावे को मानें, तो देश और दुनिया के साथ वह हिमाचली मार्केट का भी नंबर वन ब्रांड है, क्यांेकि सैमसंग के उत्पाद क्वालिटी में सबसे बढि़या माने जाते हैं, लेकिन ऐसा ही नंबर वन होने का  एलजी कंपनी के अधिकारियों ने भी हिमाचली मार्केट में 35 प्रतिशत शेयर होने का दावा किया है। उनके अनुसार प्रतिवर्ष हिमाचली इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में 35 से 40 प्रतिशत की ग्रोथ आ रही है। सैमसंग कंपनी के अनुसार हिमाचली मार्केट के 32 प्रतिशत हिस्से पर उनका कब्जा है। इस दिवाली सीजन पर एलसीडी की बढ़ती डिमांड के कारण एलसीडी के 50 प्रतिशत हिस्से की सेल पर सेमसंग ने अपना दावा जताया है। कंपनी अधिकारियों का मानना है कि अति आधुनिक टेक्नोलाजी से निर्मित एलसीडी की ओर भी ग्राहकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। हाल ही में लांच एलसीडी, जिसकी कीमत 22 हजार से लेकर पांच लाख रुपए तक प्रति पीस रखी गई है, की ओर ग्राहकों का रुझान बढ़ने से कंपनी की सेल काफी बढ़ी है। फ्रिज में डायरेक्ट कूल टेक्नोलॉजी को छोड़कर ग्राहकों का रुझान फ्रास्ट फ्री टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ा है। इसके अतिरिक्त हाई सेगमेंट में साइड वाई साइड फ्रिज भी प्रचलन में आने लगे हैं। इन फ्रिजों की कीमत अभी तक 70 हजार रुपए से लेकर 1.50 लाख रुपए प्रति पीस है। सैमसंग और एलजी कंपनी के दावों के अनुसार वे ग्राहकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए भविष्य में ऊना, धर्मशाला, हमीरपुर, पालमपुर, मंडी, पांवटा साहिब, रामपुर, नूरपुर में अपने एक्सक्लूसिव शोरूम खोलने की योजना बना रही हैं। हाल ही के पांच वर्षों में हिमाचली बाजार में वाशिंग मशीन की सेल भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है। आठ हजार से शुरू होकर 30 हजार रुपए तक की वाशिंग मशीनें बाजार में प्रचलन में हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के विशेषज्ञों की मानें, तो आने वाले मात्र तीन वर्षों में अकेले फेस्टिवल सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट 200 करोड़ रुपए के व्यापार का आंकड़ा पार कर जाएगी।

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