आचार संहिता ने रोका पे-स्केल

शिमला प्रदेश पथ परिवहन निगम में अनुबंध आधार पर कार्यरत चालक व परिचालकों के वेतनमान का मसला एक बार फिर लटक गया है। प्रदेश में पंचायत व स्थानीय निकाय चुनाव होने के चलते लगी आचार संहिता के कारण निदेशक मंडल (बीओडी) की बैठक न होने के कारण कर्मचारियों की मांगें अधर में हैं। कर्मचारी नववर्ष पर प्रबंधन से किसी तरह के तोहफे की उम्मीद लगाए बैठे थे, मगर आचार संहिता के चलते उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। चुनावी आचार संहिता छह जनवरी तक लागू है। निगम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अभी तक बीओडी की बैठक को लेकर तिथि तय नहीं हो पाई है। बैठक के न होने से कर्मचारियों में निराशा है। कर्मचारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे आंदोलन के लिए तैयार हैं। यहां बताते चलें कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में अनुबंध आधार पर कार्यरत चालक व परिचालक पिछले काफी समय से संशोधित वेतनमान जो अन्य विभागों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को मिल चुका है, उसकी मांग कर रहे हैं।  इसके अलावा कर्मचारी बेसिक वेतन प्लस डीए व निगम में कार्यरत चालक-परिचालकों के लिए नियमितीकरण की आयु सीमा आठ वर्ष से घटाकर पांच वर्ष करना प्रमुख है। इस मांग को कर्मचारी पिछले काफी समय से प्रशासन के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाते आ रहे हैं। कर्मचारियों ने दिवाली के मौके पर प्रदेश भर में हड़ताल भी कर दी थी, जिसके बाद निगम प्रबंधन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बीओडी की बैठक में उनकी मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। कर्मचारी नवंबर से बीओडी की बैठक होने का इंतजार कर रहे हैं। पहले विभागीय व्यवस्तता के चलते बैठक नहीं हो सकी थी, जिसके बाद अब आचार संहिता ने पचड़ा डाल रखा है। निगम के प्रबंध निदेशक भरत खेड़ा ने कहा कि अभी बीओडी की बैठक तय नहीं हुई है। बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की जाएगी। उधर, अनुबंध कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विद्या सागर ने बताया कि निगम ने आश्वासन दिया है कि बीओडी में उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की जाती है, तो वे किसी भी तरह के आंदोलन के लिए तैयार हैं।

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