एशिया के सबसे ऊंचे पोलिंग बूथ में चुनावी हलचल नहीं

कुल्लू 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित एशिया के सबसे ऊंचे हिक्किम पोलिंग बूथ पर इस बार मतदान नहीं होगा। लिहाजा एशिया के दूसरे नंबर पर सबसे ऊंचे 1250 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित  काजा पोलिंग बूथ पर 1118 मतदाता 28 दिसंबर को मतदान करेंगे। काजा व सगनम में होने जा रहे पंचायत चुनावों में 1822 वोटर मतदान करेंगे।  बर्फीले रेगिस्तान में स्थित हिक्किम पोलिंग बूथ पर इस बार चुनावी सरगर्मियों की कोई भी हलचल नहीं होगी। स्पीति की 13 पंचायतों में से जहां 11 को निर्विरोध चुनकर कबायलियों ने एक मिसाल कायम की है, वहीं इसी घाटी की मात्र दो पंचायतों में होने जा रहे चुनावों को लेकर प्रशासन ने अपनी ओर से भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। काजा में इस बार 1118 तथा सगनम में 704 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। खून जमा देने वाली ठंड में मतदाता भी अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए काफी उत्साहित हैं। एक ओर जहां इस बार एशिया के सबसे ऊंचे हिक्किम पोलिंग बूथ पर मतदान नहीं होगा, वहीं काजा में चार पोलिंग बूथ तथा एक बूथ कयूलिंग में स्थापित किया गया है। पिन घाटी की सगनम पंचायत में दो, मुद, तेलिंग तथा खर में तीन पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त जितेंद्र सांजटा ने बताया कि स्पीति की 13 पंचायतों में से 11 को निर्विरोध चुने जाने के बाद अब यहां मतदान मात्र दो ही पंचायतों में होना है। उन्होंने बताया कि 28 दिसंबर को चुनावी प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए पोलिंग पार्टियां रवाना कर दी गई हैं। श्री सांजरा ने बताया कि 15 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित एशिया के सबसे ऊंचे पोलिंग बूथ हिक्किम में पूरा पैनल निर्विरोध चुने जाने से अब काजा दूसरा एशिया का सबसे ऊंचाई वाला पोलिंग बूथ बन गया है।  उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधानों, पंचायत समिति सदस्यों के इन चुनावों में क्षेत्र के 1822 मतदाता अपने अधिकारों को प्रयोग करेंगे। बहरहाल एशिया के सबसेे ऊंचे हिक्किम मतदान केंद्र में इस बार वोट नहीं डलेंगे।

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