कटौती सरकारी निर्देश नहीं

 दि. हिः विधानसभा में खर्च कटौती क्यों?

 तुलसी रामः खर्चे में कटौती के किसी तरह के सरकार से निर्देश नहीं मिले हैं। कटौती का प्रयास हमने अपनी तरफ से शुरू किया है। इसके चलते विस स्टाफ भी कम ले जाएंगे। यह सारा तामझाम जनता के पैसों से होता है, इसलिए फिजूलखर्ची विस सत्र में ही नहीं हर जगह
रुकनी चाहिए।

 दि. हिः तपोवन में सत्र और विस भवन का क्या औचित्य?

 तुलसी रामः विस का धर्मशाला में कितना औचित्य है, इस पर मैं क्या बोल सकता हूं। सुगबुगाहट जरूर शुरू हुई है। कई विधायक बोल चुके हैं कि धर्मशाला में औपचारिकता निभाने के लिए सत्र का आयोजन हो रहा है।

 दि. हिः क्या यह सब फिजूलखर्ची नहीं?

 तुलसी रामः मुझे भी लगता है कि इस पर फिजूलखर्ची करनी पड़ रही है। इसका औचित्य तब हो सकता था, जब धर्मशाला में लंबे सत्र का आयोजन होता, लेकिन ऐसा करने से खर्चा भी उतना ही ज्यादा बढ़ जाता है। करोड़ों का भवन बनाया गया है। इसके रखरखाव पर भी लगातार खर्च हो रहा है।

 दि. हिः यहां सत्र को लेकर आम जनता में कितना उत्साह है?

 तुलसी रामः पिछले दो सत्रों में मुझे कभी भी ऐसा नहीं लगा कि धर्मशाला को लेकर जनता में विशेष उत्साह हो। सत्र देखने के लिए भी दर्शक दीर्घा में अपेक्षा के अनुरूप लोग नहीं आते है।

 दि. हिः यहां सत्र किस बात के लिए जाने जाएंगे?

 तुलसी रामः मेरा मानना है कि धर्मशाला के सत्र औपचारिकता
निभाने के लिए हो रहे हैं। हालांकि धर्मशाला में वर्ष 2008 के दौरान विधायकों का यादगार शपथ समारोह हुआ था।

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