कैसे हो सर्दियों में उपोष्ण बगीचों का प्रबंधन

By: Dec 20th, 2010 12:16 am

(डा. शशि कुमार शर्मा)-

कोहरे का भयंकर प्रकोप मुख्य तौर पर उन रातों को बहुत ही घातक सिद्ध होता है, जब आसमान बिलकुल साफ होता है और बागीचों से अधिकाधिक ऊर्जा उत्सर्जित होकर वातावरण में विसर्जित होती जाती है…

उत्तरी भारत के निचले पर्वतीय क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से उपोष्ण जलवायु वाले क्षेत्र माने जाते हैं, परंतु उपोष्ण फलों का उत्पादन इन क्षेत्रों में सर्दियों से बुरी तरह प्रभावित होता है। सबसे बड़ी समस्या जो इन क्षेत्रों के फल उत्पादन को प्रभावित करती है,वह है- ‘कोहरा’। प्रतिवर्ष कोहरे के कारण किसानों और बागबानों का लाखों रुपए का नुकसान हो जाता है। किसी-किसी वर्ष तो कोहरे का रूप इतना भयंकर हो जाता है कि उपोष्ण क्षेत्रों के आम, लीची, पपीता, आंवला इत्यादि के पूरे के पूरे बागीचे ही नष्ट हो जाते हैं। अतः सर्दियों में कोहरे से बागीचों का बचाव करना एक प्राथमिकता बन जाती है। सबसे पहला और महत्त्वपूर्ण प्रश्न यह है कि कोहरा है क्या? ‘हवा में मौजूद नमी का कम तापमान पर बर्फ के कणों के रूप में किसी सतह पर जम जाना कोहरा कहलाता है।’ किसी भी क्षेत्र में कोहरे का प्रभाव उस क्षेत्र की ऊंचाई, ढलान, हवा में मौजूद नमी, वनस्पति इत्यादि पर निर्भर करता है।

पौधों पर कोहरे का प्रभाव मुख्यतः उनकी कोहरे के लिए प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करता है। पर्णपाती पौधों में ये क्षमता अधिक होती है, जबकि सदाबहार पौधे कोहरे से बुरी तरह प्रभावित होते हैं। किसी भी बागीचे पर कोहरे का प्रभाव उस बागीचे में आने वाली या संरक्षित ऊर्जा पर निर्भर करता है। कोहरे का भयंकर प्रकोप मुख्य तौर पर उन रातों को बहुत ही घातक सिद्ध होता है, जब आसमान बिलकुल साफ होता है और बागीचों से अधिकाधिक ऊर्जा उत्सर्जित होकर वातावरण में विसर्जित होती जाती है। जैसे-जैसे रात बढ़ती जाती है, पौधों की सतह ठंडी और ठंडी होती जाती है। इस स्थिति में हर वह बागबानी प्रबंधन तकनीक कोहरे से बचने में सहायक सिद्ध हो सकती है, जिससे हम दिन के समय ज्यादा से ज्यादा सौर ऊर्जा का दोहन कर सकें और जो रात को ऊर्जा विसर्जन को धीमा कर सके। खरपतवार भूमि की सतह तक सौर ऊर्जा को पहंुचने से रोकते हैं। इसलिए इनको समय पर निकाल देना चाहिए। संपूर्ण रूप से खरपतवार रहित बागीचे कोहरे से कम प्रभावित होते हैं। सर्दियों में बागीचे की मिट्टी की खुदाई आदि नहीं करनी चाहिए। अतः पौधों के दौर इत्यादि भीषण सर्दी पड़ने से पहले ही तैयार कर लिए जाने चाहिएं। सर्दियों में मल्ंिचग भी नहीं करनी चाहिए। पौधे यदि छोटे हों, तो शंकुनुमा आकार में घास का ढकाव देना चाहिए। यह ढकाव दक्षिण दिशा में हल्का सा खुला रखना चाहिए, ताकि दिन के समय सौर ऊर्जा पौधे तक पहंुच सके। नर्सरी इत्यादि पर घास की छत डाली जा सकती है। यह छत पौधों की ऊंचाई से 20 सेंटीमीटर से ज्यादा ऊपर नहीं होनी चाहिए। पपीते आदि को कोहरे से बचाने के लिए इसके तने पर टाट आदि लपेट देनी चाहिए। पत्तों एवं फलों पर सेड नेट इत्यादि डाल देना चाहिए। यह ढकाव पौधों की सतह से 30-40 सेंटीमीटर ऊपर तक होना चाहिए। कोहरा पड़ने से पहले ही पेड़ों को घाव एवं कटी हुई टहनियों वाले हिस्सों पर मोम लगाकर उनको बंद करना बहुत ही जरूरी होता है। पेड़ों की टहनियां जमीन से कम से कम एक मीटर ऊपर होनी चाहिएं, ताकि सूर्य की रोशनी पौधों के नीचे जमीन तक पहुंच सके।

 टहनियों की सिधाई इस प्रकार से करें कि ये केंद्रीय रेखा से 450 से 600 का कोण बनाएं। जो पत्ते या टहनियां आसमान के समांतर होते हैं, वे कोहरे से ज्यादा ग्रसित होते हैं। तने पर नीला थोथा मिलाकर सफेदी करना इनको फटने से बचाता है। कोहरे से बचाव में पानी का छिड़काव एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि रात के समय छिड़काव न कर पाएं, तो सुबह होते ही छिड़काव करने से भी काफी हद तक पौधों का कोहरे से बचाव हो जाता है, किंतु पानी का छिड़काव उन परिस्थितियों में हानिकारक सिद्ध होता है, जहां ठंड के साथ-साथ हवा का प्रकोप भी हो। पौधों का पोषण उनके कोहरे से बचाव में बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। फास्फोरस पौधों को कोहरे के प्रभाव से बाहर निकालने में सहायक सिद्ध होता है। आम की पत्तियों में फास्फोरस का स्तर 0.118 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। जिन बागबानों ने नए बागीचों का रोपण करना हो, उनको ध्यान में रखना चाहिए कि वे जिस सूक्ष्म जलागम में बागीचा लगा रहे हैं, उसमें 80 मीटर तक अत्यधिक कोहरे का प्रभाव पड़ता है। 80-120 मीटर तक यह प्रभाव मध्यम होता है और इसके ऊपर यह बहुत कम होता है। अतः इस जानकारी को ध्यान में रखते हुए फलदार फसलों के विविधीकरण को प्राथमिकता दें।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या हिमाचल कृषि विश्वविद्यालय किसान का भला कर पाया?

View Results

Loading ... Loading ...

Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV