फाइव स्टार होटल को टेंडर जल्द

शिमला — हिमाचल में हाई एंड टूरिज्म को बढ़ावा देने के मकसद से राज्य सरकार अब फाइव स्टार होटल स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र को आमंत्रित करेगी। पर्यटन महकमे द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को कानून विभाग ने हरी झंडी दिखा दी है। जनवरी के दूसरे हफ्ते तक महकमा निविदाएं आमंत्रित करेगा। दिल्ली में आयोजित हिमाचल उत्सव के दौरान भी आला पर्यटन अफसरों ने निवेशकों को प्रदेश में मौजूद सहूलियतों बारे जानकारी दी थी। अधिकारियों का कहना है कि उस दौरान कई नामी गु्रप्स ने पांच सितारा होटल स्थापित करने में दिलचस्पी दिखाई थी। इसी सिलसिले में अब औपचारिकताएं पूरी करने के बाद निविदाएं आमंत्रित की जा रही हैं। पर्यटन विभाग की कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, सोलन और कांगड़ा में जमीन उपलब्ध है। महकमे द्वारा वर्ष 2004 में टाटा कंसल्टेंसी द्वारा जो रिपोर्ट तैयार करवाई गई थी, उसमें संबंधित इलाकों में सरकारी व महकमे की जमीनों का उल्लेख किया गया है। हालांकि पौंग में कुछ रकबे को लीज पर लेने के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से अनुमति लेना आवश्यक होगा। सोलन में ही पर्यटन विभाग की 373-19 बीघा जमीन उपलब्ध है। इसी तरह आंजी आनंदपुर में 60 बीघा सरकारी जमीन मौजूद है। कुल्लू के बड़ा गांव में विभाग के ही नाम पर 20 एकड़ का बड़ा रकबा है। इसी तरह झटींगरी में 12 एकड़ जमीन सरकारी है, जिसे निजी निवेशकों को सौंपा जा सकता है। निवेशकों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, लिहाजा विभाग सभी औपचारिकताएं पूरी करने में उनकी मदद को सशर्त तैयार है। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार एक पांच सितारा होटल के निर्माण के लिए जितनी ंजमीन की आवश्यकता रहती है, उसे विभाग व सरकार खुद पूरा करने में सक्षम है। फाइव स्टार होटल स्थापन से राज्य में हाई एंड टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से पर्यटन द्वारा सकल घरेलू उत्पाद में 7.9 फीसदी की दर में बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य के शिमला, कुफरी में स्किल टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी और कसौली में एस्कार्ट (एएससीओआरटी) दो पांच सितारा होटलों का निर्माण शुरू कर चुके हैं।

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