बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर

धर्मशाला — प्रदेश के बड़े कद के नेताओं ने अपनी बीवियों तथा लाड़लों को चुनावी रण में उतार कर अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा ली है। ग्रामीण संसद के अखाड़े में उतरे इन उत्तराधिकारियों को मतदाताओं से सीधी चुनौती मिल रही है। शिमला, लाहुल-स्पीति, ऊना तथा प्रदेश की राजनीति को दिशा देने वाले कांगड़ा जिला को छोड़ कर राज्य भर में बड़े कद के नेताओं ने पंचायती चुनाव के अखाड़े में अपने उत्तराधिकारी उतारे हैं। लिहाजा ट्रायल के रूप में उतारे नेताओं के लाल तथा बीवियां अगर पंचायती चुनाव में हारीं, तो उत्तराधिकारी के लिए खेला गया दांव भारी पड़ सकता है। विधानसभा अध्यक्ष पंडित तुलसी राम की पत्नी लीला शर्मा भरमौर से जिला परिषद तथा विस उपाध्यक्ष रिखी राम कौंडल का बेटा राज कुमार कौंडल गेहड़वीं में बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। परिवहन मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया, कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ठाकुर तथा उनका भतीजा बलवंत ठाकुर उक्त तीनों जिला परिषद सदस्य का चुनाव मंडी में लड़ रहे हैं। भाजपा के  वरिष्ठ नेता एवं विधायक दिले राम का बेटा पंचायत प्रधान का चुनाव लड़ रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता राजा महेश्वर सिंह का बेटा हितेश्वर सिंह, विधायक गोविंद ठाकुर की बहन धनेश्वरी ठाकुर तथा कांग्रेस नेता सत्यप्रकाश ठाकुर की पत्नी प्रेमलता ठाकुर जिला कुल्लू के अलग-अलग वार्डों में जिला परिषद सदस्यों का चुनाव लड़ रहे हैं। चंबा जिला में बनीखेत की विधायक रेणु चड्डा का बेटा आशीष चड्डा नगर परिषद अध्यक्ष तथा कांग्रेस नेता ठाकुर सिंह भरमौरी का बेटा अमित भरमौरी जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। सिरमौर जिला से पूर्व विधायक सदानंद चौहान की बेटी भारती अग्रवाल नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए चुनावी अखाड़े में है। सोलन जिला से पूर्व विधायक लज्जा राम चौधरी का बेटा मदन चौधरी भी नगर परिषद चेयरमैन पद के लिए मैदान में है। हमीरपुर जिला से मनजीत सिंह डोगरा की धर्मपत्नी अरविंद कौर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं।

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