रोल नंबर नहीं तो होंगे परीक्षा से बाहर

धर्मशाला- हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में क्या फिर सेंधमारी की कोशिश हो रही है? या फिर बोर्ड परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थी जान-बूझकर ही बोर्ड को अपना फर्जी पता दे रहे हैं। बोर्ड पहंुचे प्रवेश पत्रों की जांच पड़ताल के बाद विसंगतियां दूर करने की तमाम कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं। बोर्ड प्रशासन द्वारा विसंगतियों को दूर करने के लिए आवदेन करने वाले के पत्ते पर भेजे गए पत्र वापस बोर्ड कार्यालय में पहंुच गए हैं। लिहाजा बोर्ड में मौजूदा समय में उत्पन्न हुई स्थिति के चलते कई सवाल उठने लाजिमी हैं। पूरे मामले के बाद बोर्ड ने साफ किया है कि गलत पते वाले परीक्षा आवदेन फार्मों को सत्यापित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बोर्ड ने सख्त हिदायत दी है कि रोल नंबर न मिलने की सूरत मंे किसी को परीक्षा में बैठने की इजाजत नहीं होगी। इसके अलावा जिन परीक्षार्थियों के रोल नबंर बोर्ड कार्यालय के पास वापस आ जाते हैं, ऐसे परीक्षार्थी अपना स्थायी निवासी प्रमाण पत्र देकर ही रोल नंबर प्राप्त कर सकते हैं। बोर्ड के सचिव प्रभात शर्मा ने बताया कि मार्च 2011 में संचालित होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए कार्यालय को प्राप्त प्रवेश पत्रों में कुछ विसंगतियां पाई गई हैं। जांच पड़ताल के बाद सामने आई इन विसंगतियों के संबंध में कार्यालय ने संबंधित परीक्षार्थियों के पते पर पत्र भेजे। उक्त पत्र यह लिखकर वापस आ गए हैं कि प्राप्तकर्ता के नाम का व्यक्ति इस पते पर नहीं है, जिससे संदेह पैदा हो रहा है कि परीक्षार्थी शिक्षा बोर्ड को सही पता नहीं दे रहा। बोर्ड सचिव का कहना है कि प्रवेश पत्र सत्यापित करने वाले का दायित्व है कि वह परीक्षार्थी का सही स्थायी पता भी सत्यापित करें। अब उन्हीं पतों पर बोर्ड रोल नंबर भेजे जाएंगे तथा पता सही न होने पर उन्हें रोल नंबर प्राप्त नहीं हो सकेंगे। बोर्ड ने साफ कहा है कि डाक विभाग अनाधिकृत व्यक्ति को पंजीकृत पत्र नहीं दे। उन्होंने कहा कि पूर्व में यह पत्र साधारण डाक द्वारा भेज दिए जाते थे, जिसके चलते कोई भी व्यक्ति इन्हें प्राप्त कर इसका दुरुपयोग कर सकता था। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया गया है कि मार्च 2011 में संचालित परीक्षा केंद्रों में लगाए गए अधीक्षक बिना अनुक्रमांक के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति न दें।

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