शीतकालीन सत्र में छाई रही सरकार

तपोवन (धर्मशाला) — विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार पूरी तरह से विपक्ष पर हावी रही। मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की कप्तानी के आगे विपक्ष की एक नहीं चली। होमवर्क के बिना सत्र में पहुंचे कई विधायकों की सीएम ने बोलती बंद कर दी। अपने वजीरों के लड़खड़ाने पर प्रेम कुमार धूमल ने कई बार आगे आकर मोर्चा संभाला और विरोधी चित किए। इस पूरे सत्र पर अकेले मुख्यमंत्री विपक्ष पर  इक्कीस साबित हुए। तीन वर्षों का विकास और हर मुद्दे पर उनका हाजिर जवाब विपक्ष को बौना साबित कर गया। प्रतिपक्ष की नेता विद्या स्टोक्स ने शीतकालीन सत्र के समापन संबोधन में यह कहकर माहौल गर्म करने का प्रयास किया कि विपक्ष लंबा सत्र चाहता था। इस पर सीएम की तरफ से आए जवाब ने फिर विपक्ष को चुप करवा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा फर्जीबाड़े समेत कई मुद्दों पर चर्चा चाहती थी। बावजूद इसके विपक्ष बिना वजह सदन से वाकआउट कर गया। सीएम ने कहा कि सरकार लंबे सत्र और लंबी चर्चा के मूड में है। बशर्ते विपक्ष इसके लिए तैयार रहे। इस सत्र के दौरान प्रतिपक्ष की तरफ से विद्या स्टोक्स, कौल सिंह, जीएस बाली, कुलदीप सिंह पठानिया, राजेश धर्माणी, मुकेश अग्निहोत्री, गंगूराम मुसाफिर तथा हर्षवर्धन ने कई महत्त्वपूर्ण प्रश्न सदन में उठाए। जनहित के मुद्दों पर विपक्ष ने कई बार सरकार की घेराबंदी करनी चाही। खासकर केंद्रीय योजनाओं तथा केंद्र से आर्थिक सहायता के मामले में विपक्ष कई बार तेवर दिखाता नजर आया। बावजूद इसके सामने से कप्तान प्रेम कुमार धूमल के विकासरूपी चलाए गए स्ट्रोक विपक्ष पर हावी रहे। सत्र के दौरान विपक्ष ने कुछेक मंत्रियों की घेराबंदी जरूर करनी चाही, लेकिन सरकार के मुखिया ने बड़ी चतुराई के साथ मोर्चा संभालते हुए विपक्ष के इस प्रयास को विफल कर दिया। इस पूरे सत्र में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के हाजिर जवाबी ने सबको प्रभावित कर दिया। सीएम किसी भी सवाल का इतनी बखूबी से जवाब देते नजर आए, मानो उन्होंने अभी-अभी संबंधित प्रश्न का उत्तर पढ़ा हो। इसके चलते धर्मशाला में सोमवार को शुरू हुआ चार दिवसीय सत्र गुरुवार को मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की कप्तानी पारी के लिए याद किया जाएगा।

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