सुविधाएं नहीं तो मान्यता रद्द

शिमला — प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त प्रोफेशनल कालेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। एचपीयू इन कालेजों का ‘औचक निरीक्षण’ करेगा। निरीक्षण के दौरान कालेज में विवि द्वारा तय मानक  व छात्रों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा। कालेजों में खामियां पाए जाने पर विवि प्रशासन पहले उक्त कालेजों को ‘शो-कॉज’  नोटिस देगा। बावजूद इसके कालेज प्रबंधन यदि बाज नहीं आते हैं, तो उसकी मान्यता रद्द करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा। ईसी की बैठक में सात कालेजों को नोटिस जारी करने के बाद विवि प्रशासन ने इसको लेकर कवायद तेज कर दी है। निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी को रोकने के लिए एचपीयू की यह सख्ती काफी कारगर साबित होगी। इससे पहले विश्वविद्यालय द्वारा कालेजों का निरीक्षण तो किया जाता था, मगर उसके लिए समय निर्धारित रहता था।  कालेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न होने के चलते छात्रों के साथ लूट-खसोट का सिलसिला जारी है। विवि प्रशासन की यह पहल इस दिशा में कारगर साबित हो सकती है। प्रदेश में इस समय डेढ़ सौ के करीब शिक्षण संस्थान विवि से मान्यता प्राप्त हैं, जिनमें 74 बीएड कालेज, 27 इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कालेज, सात लॉ कालेज, दो मेडिकल कालेज, एक आयुर्वेदिक कालेज, पांच डेंटल कालेज व 13 फार्मेसी कालेज शामिल हैं। उधर, विवि के कुलपति प्रो. सुनील कुमार ने बताया कि कालेजों में मूलभूत सुविधाओं को जांचने के लिए औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि यहां सुविधाओं में कमी पाई गई, तो इन पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।

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