स्पेक्ट्रम के पंजे में भाजपा

नई दिल्ली — टू-जी घोटाले की जद में भाजपा भी आ गई है। टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने सीधे-सीधे भाजपा को घोटाले में लपेट लिया है।  राज्यसभा सांसद राजीव चंद्रशेखर ने खुला पत्र लिखकर आरोप लगाए थे कि रतन टाटा ने लाइसेंस वितरण में काफी फायदा कमाया है। इसी के जवाब में टाटा ने खुला पत्र लिखते हुए करारा जवाब दिया है। उन्होंने सांसद राजीव चंद्रशेखर को लिखा है कि भाजपा शासनकाल में भी टेलीकॉम की नीतियां स्पष्ट नहीं थीं और उस समय भी कई अनियमितताएं हुई हैं। अपने पत्र में टाटा ने साफ किया है कि ए राजा या किसी भी अन्य दूरसंचार मंत्री के कार्यकाल में उनके समूह को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया है। बीपीएल कंपनी के प्रोमोटर रहे राजीव चंद्रशेखर ने टू-जी घोटाले और नीरा राडिया की रतन टाटा से बातचीत के टेप रिलीज होने के बाद इल्जामों से भरी चिट्ठी रतन टाटा को लिखी थी। इसमें चंद्रशेखर ने आरोप लगाया था कि टाटा ने टेलीकॉम सेक्टर में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के कार्यकाल में लाभ लिए हैं।  टाटा ने जवाब में कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री और सत्ताधारी दल को नीचा दिखाने की साजिश हैं। उन्होंने मोबाइल व्यवसाय में जीएसएम तकनीक के समर्थकों की लॉबी पर खुल कर हमला बोला और कहा कि इस लॉबी को स्पेक्ट्रम करीब-करीब मुफ्त में ही मिला  है। उन्होंने कहा कि 2008 में जारी हुए लाइसेंस ने इस शक्तिशाली लॉबी को झटका दिया, जिसके कारण वे हंगामा मचा रहे हैं।

You might also like