हर सत्र धर्मशाला में हो

सब लोग शिमला नहीं जा सकते हैं। इसलिए प्रदेश की जनता की इच्छा के अनुरूप ही धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र लगाने का फैसला लिया गया है। विशेषकर चंबा, पांगी, कांगड़ा के सुदूरवर्ती क्षेत्र मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना की जनता को शिमला न केवल बहुत दूर है, बल्कि वहां की महंगी आवासीय व्यवस्था आम आदमी के वश में नहीं है, क्योंकि शिमला एक पर्यटक स्थल है, न कि राजधानी क्षेत्र। मैं तो मानता हूं कि विधानसभा का समूचा सत्र ही प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के मुताबिक प्रदेश के केंद्र में होना चाहिए और इसके लिए धर्मशाला सही स्थान है।

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