शिक्षा मॉडल में चंबा देश में अव्वल

चंबा — देश के 27 राज्यों में चल रहे साक्षर भारत मिशन में अब तक हुए तमाम कैंपेन की सफलता पर हिमाचल को पहला रैंक मिला है। हाल ही में दिल्ली में सेके्रटरी एजुकेशन भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित रिव्यू मीटिंग में शिक्षा का नया मॉडल लागू करने के लिए सफलता का श्रेय चंबा के खाते में आया है। यही वजह रही कि चंबा में अपनाई गई आधुनिक शिक्षा पददति आंध्र व कर्नाटक के बाद अब केरल ने भी विकास के नए मॉडल के रूप में अपना ली । चंबा के शिक्षा मॉडल को देश भर में अव्वल रहने की पुष्टि राज्य संसाधन केंंद्र के निदेशक डा. ओपी भूरेटा ने की है। राजधानी दिल्ली में हाल ही में शिक्षा सचिव भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित रिव्य मीटिंग में हिमाचल से प्रारंभिक शिक्षा निदेशक एवं साक्षर भारत मिशन के सदस्य सचिव राजीव शर्मा और राज्य संसाधन केंद्र शिमला के निदेशक डा. ओपी भूरेटा शामिल हुए। साक्षर भारत मिशन के तहत देश के 27 राज्यों में शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। चंबा में दो चरणों में निरक्षर डेढ़ लाख लोगों को शिक्षित करने का लक्ष्य हासिल करने के लिए पुरजोर प्रयास किए जा रहे हैं। पहले चरण में पचास हजार लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है, जबकि अगले चरण में शेष को शिक्षित बनाया जाएगा। रिव्यू मीटिंग में चंबा में जनसंवाद कैंपेन के साथ ही साक्षरता समागम,  साक्षरता दिवाली, साक्षरता दशहरा तथा सरकारी कार्यालयों में असाक्षर कर्मचारियों को पढ़ाने के लिए अपनाई गई पद्दति की सफलता के आधार पर ही हिमाचल को देश भर में पहला रैंक मिलने का गौरव हासिल हुआ है। पीडब्ल्यूडी, आईपीएच व बिजली बोर्ड के साथ अन्य कार्यालयों में अनपढ़ लोगों की तादाद काफी है, लिहाजा उनके बॉस ही उनके गुरु बनकर उन्हें शिक्षित बनाने के लिए अपना अहम योगदान दे रहे हैं। इसके साथ ही जिले भर में लोकशिक्षा केंद्रों के माध्यम से शिक्षित किए जाने का सिलसिला शुरू करने के साथ ही वहां पर लाइब्रेरी की सुविधा व वोकेशनल ट्रेनिंग करवाए जाने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि रिव्यू मीटिंग में चंबा में अपनाए गए शिक्षा मॉडल को देश भर में अव्वल मानते हुए पहला रैंक दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए गौरव की बात है। अगली छह मार्च को बुनियादी परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।

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