Daily Archives

Jan 2nd, 2012

अधर में लटका पाकिस्तान

(डा. वेदप्रताप वैदिक,लेखक, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष हैं) गिलानी के इस बयान ने इस शंका को और भी पुष्ट किया कि फौज अपने आपको क्या समझती है? क्या वह सरकार के अंदर कोई सरकार है? फौज को उस सरकार के प्रति जवाबदेह होना होगा, जो जनता…

गए साल कुछ तो हुआ है

 हर पुराने साल की कोख से एक नया साल निकलता है। जा रहे साल को विदा करने और नए साल के स्वागत की रस्में भी बडे़ जोश से निभाई जाती हैं,पर अगर पूरे साल की साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का अवलोकन करें तो पता लगता है कि अपनी नियमित दिनचर्या से…

भूतपूर्व सैनिकों के साथ मजाक

(विवेक कुमार, जैसिंहपुर ) मेरा सवाल सरकार के शिक्षा मंत्री से है। सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट, टीजीटी एवं पीजीटी में 50% अंक की शर्त लागू कर दी है। इससे पूर्व सरकार ने बेशक रोजगार न दिया हो, पर किसी भी वर्ग को…

उत्साहित पलों की ख्वाहिश

वहां सिर्फ रैली थी और यह एहसास धूमल सरकार के चार साल का शानदार वक्फा भी रहा। कुल्लू में हिमाचल सरकार के चार साल की गणना की साक्षात उपलब्धि भी यही कि अमन के तराने एक साथ गूंजे। भले ही पलकें अपनों की भीड़ में कुछ गैर हाजिर चिन्ह देखती रहीं,…

हकीकत कब तक रहेगी फजीहत

(अक्षित, आदित्य, तिलक राज गुप्ता, हरियाणा) हमारे विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने गत 23 नवंबर को संसद में भाजपा नेताओं मुरली मनोहर जोशी और अनंत कुमार हेगड़े के एक लिखित प्रश्न के जवाब में बताया कि भारत का 1,60,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र…

यह कैसी बुद्धिमत्ता है

(बीएसपाल, गांव टिकरी, चौंतड़ा, मंडी) केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण संसद का सत्र कई दिनों ठप पड़ा रहा । देश के करोड़ों लोगों की खून पसीने की कमाई को पानी की तरह बहाया जा रहा है। देश के गरीब व्यापारी को लात मारकर विदेशी व्यापारी को…

बाजार की घेराबंदी में साहित्य

हिन्दी साहित्य  का वर्ष भर का लेखा जोखा केवल पुस्तकों और आयोजनों की फेहरिस्त दे कर पूरा नहीं किया जा सकता। हमें उन प्रवृत्तियों की भी पड़ताल करनी होती है जो रचनाकार को बेहतर लिखने के लिए प्रेरित करती हैं । हमें साहित्य के साथ जुड़े हुए…

साहित्यिक परिदृश्य में पिछला साल

-देवेंद्र गुप्ता, शिमला इस साल अच्छा लेखन हुआ है। नए कवियों में राजीव त्रिगर्ती, प्रदीप सैनी हैं। इन्होंने अच्छी कविताएं लिखीं और राष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हो गए। पुराने लोगों ने लिखना छोड़ खामोशी ओढ़ ली और जो नए थे, वे राष्ट्र की…

कांग्रेस का संसदीय कुकर्म

नए साल पर ऐसे शब्द लिखते हुए कुछ चुभन महसूस होती है,लेकिन यही यथार्थ और पेशे की ईमानदारी है कि उस प्रकरण पर टिप्पणी की जाए। राज्यसभा में 29दिसंबर की आधी रात में जो हुआ, वह अत्यंत शर्मनाक और संसद-विरोधी था। अब यह यूपीए-कांग्रेस के मंत्रियों…

नेटबाल और हैंडबाल का खेल मिडल स्कूलों में भी शामिल हो

(एवी पठानियालेखक, रेडियो व दूरदर्शन कमेंटेटर हैं) भारत जैसे देश में अन्य राज्यों के खिलाडि़यों को राष्ट्रीय स्तर की खेलों में शामिल होने के उपरांत किसी भी सेवा के क्षेत्र में जाने के लिए अलग से तीन प्रतिशत स्पोर्ट्स कोटे की व्यवस्था होती…