Daily Archives

Jan 7th, 2012

हिमाचल में पर्यटन सप्ताह

पर्यटन के अति उत्साही क्षण हर साल क्रिसमस से नववर्ष  की आहट तक अपनी क्षमता और नजाकत के साथ मौजूद रहते हैं। इस खास तरह के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आयोजनों की नई फेहरिस्त भी बनानी होगी। पिछले कुछ सालों से पर्यटन की इस खास चहल कदमी के…

सर्दी का कहर

कभी धूप कभी छांव, कहीं सूखा तो कहीं बरसात, कहीं बेहद गर्मी तो कहीं जानलेवा ठंड। ये स्थितियां आम जीवन का अनिवार्य अंग हैं। हर मौसम अपना नया रंग और उसके अच्छे बुरे असर लेकर आता है। अन्य वर्षों की तरह इस बार भी बढ़ती हुई सर्दी के साथ घने कोहरे…

भूख हड़ताल जैसा तमाशा

(खुशवंत सिंह,लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं) मुसलमान रमजान के महीने के दौरान धार्मिक कृत्य के तौर पर रोजा रखते हैं। वह भोजन पकाने के लिए तड़के उठ जाते हैं उस वक्त जितना खा सकते हैं और पानी पी सकते हैं उतना करते हैं। दिन भर चारपाई पर पड़े-पडे़…

प्रदेश के कम्प्यूटर शिक्षकों की कब सुनेगी सरकार

(जगवीर जम्वाल,लेखक, बरठीं, बिलासपुर में अध्यापक हैं) भारत के उपराष्ट्रपति ने प्रदेश को ‘डायमंड स्टेट’ का अवार्ड प्रदान किया है, लेकिन पिछले दस वर्षों से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षक अपने भविष्य को…

उपज का ठीक मूल्य क्यों नहीं

(प्रेमनाथ जोशी, होशियारपुर)  जब रोम जल रहा था तो ‘नीरो’ बंसी बजा रहा था, तो आज भारत का किसान इसलिए रो रहा है कि उसको  उपज का ठीक मूल्य नहीं मिल रहा,  जनता महंगाई से दुःखी है, लोग भूख से मर रहे हैं और अनाज गोदामों में सड़ रहा है नारियां…

गुरु और गुरु ज्ञान क्या है?

(प्रेम चंद माहिल, हमीरपुर)  गुरु का शाब्दिक अर्थ है, अंधेरे से प्रकाश में लाने वाला। ज्ञान वृद्धि गुरु ज्ञान है। जब हम किसी प्राणी के संपर्क में आते हैं, तो हमें कोई न कोई स्वयंमेव ज्ञान प्राप्त होता है। गुरु केवल मात्र एक विशेष व्यक्ति…

भारत रत्न गलत हाथों में

(मुकेश विग, कोडो ग्राउंड मोड़, सोलन) श्री मार्कंडेय काटजू ने बिलकुल सही कहा है कि भारत का सर्वोच्च सम्मान किसी क्रिकेटर को देना इस सम्मान का मजाक व अपमान ही होगा। क्रिकेटर पेशेवर खिलाड़ी होते हैं, जो इसी क्रिकेट से अरबपति बन चुके हैं,…

सरकार की पेंशन विरोधी सोच

(खजान सिंह, चौंतड़ा, मंडी)  हिमाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों के इतिहास में यह पहला कष्टदायक दौर होगा, जबकि उन्हें प्रदेश सरकार ने उनकी जायज मांगों व एक जनवरी 2006 से पेंशन एरियर के भुगतान को अनदेखा कर सरकार की पेंशनर…

भाजपा को क्या हो गया है

(जोगिंद्र ठाकुर, भलयानी, कुल्लू)  भाजपा ने वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर स्वयं को एक स्वच्छ छवि वाली पार्टी होने का दावा किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ  उसका यह  अभियान आज अपनी दिशा से भटक रहा है । घोटाले में फंसे माया  सरकार…

भ्रष्टाचारियों को सजा

(दिनेश नेगी, अपर धनाला, संधोल, मंडी) एक छोटी कहानी पढ़ी थी, उसके मुताबिक एक सिपाही ने किसान के खेत से एक गन्ना तोड़ लिया बिना पूछे ही। किसान ने राजा के पास फरियाद की। राजा ने उस सिपाही को फांसी की सजा सुना दी। सारे मंत्रियों ने कहा कि…