Daily Archives

Jan 19th, 2012

जाली करंसी

पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ सीमा पार से भड़काई जाने वाली आतंकवादी गतिविधियां देश के लिए नई नहीं हैं। अनेक चेतावनियों के बावजूद पाकिस्तान ऐसी कार्रवाइयों पर लगाम नहीं लगा पाया है। पिछले दिनों दिल्ली में आठ करोड़ रुपए से अधिक राशि की जाली…

संस्कृत को खत्म करने की साजिश…

(लेखक, शिव कुमार अखिल भारतीय संस्कृत विकास परिषद के अध्यक्ष हैं  ) यह संस्कृत को खत्म करने की एक साजिश है, नए आर एंड पी बनाने वालों ने निकलने वाले परिणामों का गहराई से विश्लेषण नहीं किया। यह किसी का व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, यहां प्रश्न…

यह कैसी न्याय व्यवस्था है

(विक्रम कौंडल, डाडासीबा)  देश की संसद पर हमला करने वाले आतंकी अफजल को 10 साल बाद भी फांसी न मिलना देश का दुर्भाग्य है। अफजल की फांसी के सवाल ने आज सियासी रंग पकड़ लिया है और बहस का दौर जारी है, लेकिन 10 साल बाद भी सरकार यह बताने में…

कब होगी सुशासन की स्थापना

(विक्की, धर्मपुर, मंडी)  देश को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी प्रशासन के हाथों में होती है। जनता की हमेशा प्रशासन तंत्र से उम्मीद रहती है कि प्रशासन तंत्र में  सुशासन की स्थापना होनी चाहिए। सुशासन से तात्पर्य ऐसी व्यवस्था जिसमें…

प्रतिमाओं का क्या

(किशन सिंह गतवाल, सतौरा, सिरमौर)  यदि आज हाथी की प्रतिमाओं और माया की प्रतिमाओं को आवरण पहनाने पड़ रहे हैं, तो अन्य प्रतीकों तथा लालटेनों, साइकिलों, किले, कंघी, मुर्गे, सीढि़यां, सूरज, चांद, सितारे, पहाड़ आदि का क्या होगा? और निर्वाचन से…

और यह भी…

(अंजु शर्मा, नाहन) सरकार ने जो भी कल्याणकारी योजना चलाई सब भ्रष्टाचार में लिपट गईं। सीएफएल योजना, डिपुओं का राशन, अब अटल वर्दी योजना की बारी है। सरकार ने जब भी घोषणा की,लूटने वाले तैयार हो गए। छात्रों को तो क्या फायदा होगा ठेकेदार जरूर…

इंतजार अभी खत्म नहीं

यकीकन इस प्रवास का इंतजार कभी खत्म नहीं होगा, क्योंकि राजनीति के कई सर्द पन्ने धर्मशाला आकर सुर्ख हो जाते हैं। हालांकि भाजपा सरकार का मौजूदा काफिला सिर्फ शीतकालीन प्रवास नहीं, बल्कि चुनावी उम्मीदों का प्रभाव है, फिर भी मंच, मजमून और मकसद को…

खुशवंत सिंह जी के नाम एक संदेश

(अनिल शर्मा ‘नील’ बिलासपुर)  शनिवार सात जनवरी, 2012 को वयोवृद्ध लेखक, स्तंभकार और साहित्यकार खुशवंत सिंह द्वारा लिखित लेख ‘अन्ना ने उपवास को तमाशा बनाया’ अतार्किक है। लेख के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है? लेख किस दृष्टिकोण को…

संकट, अवसर और विकास

(पीके खुराना,लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं) आज भारत  की अर्थव्यवस्था दबाव में है। अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य भी उत्साहजनक नहीं है, मुद्रा के रूप में रुपए का बुरा हाल है, आयात महंगा हो गया है, निर्यात हो नहीं रहा, महंगाई बढ़ रही…

बजरंग बली के दर पहुंचा ‘छोटा डॉन’

शिमला —  बालीवुड के हास्य अभिनेता राजपाल यादव हुनमान के बड़े भक्त हैं। हनुमान के दर्शन को लेकर वह बुधवार को जाखू मंदिर गए और वहां शीश नवाया। खराब रास्ते के चलते उन्हें पुलिस की गाड़ी में मंदिर ले जाया गया। मंदिर पहुंच कर उन्होंने शिमला की…