Daily Archives

Jan 23rd, 2012

वर्तमान में दान लेने का पात्र कौन?

(प्रेमचंद माहिल, लरहाना, हमीरपुर) किसी ने ठीक ही कहा है कि रज्जी गाय की अपेक्षा भूखे गधे को रोटी देना पुण्यदायक है। आजकल भिखमंगों की भरमार हर जगह देखी जा सकती है। क्या भिखमंगा दान का पात्र है। कदापि नहीं। इससे उन्हें जीवन का सरल रास्ता…

आंखें मूंदने से खतरे नहीं टलते

(जोगिंद्र ठाकुर, कुल्लू ) भारत-चीन के मध्य मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का एहसास चीन समय-समय पर भारतीय भू-भागों पर अपना दावा जताकर कराता रहा है। चीन की भारत के प्रति नीति के ऐसे अनेक उदाहरण सामने हैं। इसी क्रम में हमारे सैनिक प्रतिनिधिमंडल…

अहंकार के खेल में फंसा पाक

(डा. वेदप्रताप वैदिक,लेखक, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष हैं) पाकिस्तान में इस समय घोर राजनीतिक अराजकता का माहौल बन गया है। कौन किसके साथ है और कौन क्या कदम उठा लेगा, कुछ पता नहीं। हर भविष्यवाणी गलत सिद्घ हो सकती है... पाकिस्तान के…

सियासत के पालने में छेद

वजह और असर दोनों ही केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह पर भारी पड़ रहे हैं। ताज चूमने से पहले विक्रमादित्य सिंह का अयोग्य ठहराया जाना, सियासत के पालने में छेद होने जैसा है। युवा कांग्रेस के विवादित चुनाव पर आया फैसला हिमाचल की सियासत को बदल नहीं…

कुपोषण के लिए कौन उत्तरदायी?

(कृष्ण संधु, कुल्लू)  देश के प्रधानमंत्री जी कह रहे हैं कि देश के 42 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, जो राष्ट्र के लिए शर्म की बात है! लेकिन जरा उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि इस सबका जिम्मेदार कौन है? क्या ये राजनीतिक दल नहीं जो सिर्फ …

लेखन को सांप्रदायिक कहने की मंशा

क्या साहित्य और कला भी सांप्रदायिक हो सकते हैं? सलमान रशदी के संदर्भ में यह सवाल स्वाभाविक है। बेशक वह अंतरराष्ट्रीय ख्याति के उपन्यासकार हैं। उनकी विवादास्पद रचना ‘द सैटेनिक वर्सेज’ (शैतान की आयतें) पर कई देशों ने भारत समेत पाबंदी लगा रखी…

प्रांत में शिक्षा के क्षेत्र में कठोर कदम उठाए जाएं

(एवी पठानिया,लेखक, रिटायर्ड पैरामिलिट्री फोर्स के मीडिया सचिव हैं) प्रांत के अंदर यह एक ऐसा प्रश्न है जो कि हिमाचल प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अपने लक्ष्य को भेदने के लिए दीमक की तरह खाए जा रहा है, लेकिन परवाह किसी को नहीं है... हर…

मां की शरण में पहुंचे जुम्महार के लोग

जुम्महार — सफेद आफत के कहर से बचने के लिए लोग अब भगवान की शरण में पहंुच गए हैं। कई वर्षों के बाद हुए इतने भारी हिमपात से खौफजदा लोगांे ने मंदिरों में जाकर भगवती का जागरण व हवन

राजधानी में फिर बरसे फाहे

शिमला — शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी से हालात काफी नाजुक बन चुके हैं। बर्फबारी के कारण जहां लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, वहीं बिजली व यातायात की चरमराई हुई व्यवस्था के आगे लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो गए…

अनजान मोबाइल का नंबर चट कर रहा बैलेंस

शिमला — बीएसएनएल मोबाइल उपभोक्ताओं के नंबरों पर इन दिनों आ रही अंतरराष्ट्रीय नंबरों की काल ने उपभोक्ताओं को परेशान कर दिया है। +9234592507 से आ रही इन कॉल से बीएसएनएल उपभोक्ताओं को फोन सुनने और फोन करने पर 12 रुपए की चपत लग रही है। आईपीएच…