Daily Archives

Jan 27th, 2012

नई दिल्ली - सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह के उम्र विवाद की कोई छाया कम से कम गणतंत्र दिवस समारोह में नजर नहीं आई। अपनी जन्मतिथि पर रक्षा मंत्रालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर साथ नजर आए…

मुंबई - गणतंत्र दिवस के दिन मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर हुए एक जनमत संग्रह में समाजवाद कार्यकर्ता अन्ना हजारे महाराष्ट्र के दिग्गज नेताओं से मीलों आगे दिखाई दिए।

आस्ट्रेलिया ने दिया भारत को 500 रनों का विशाल लक्ष्य

एडिलेड -   पहली पारी में मिले 332 रनों की बढ़त के बावजूद दूसरी पारी खेलने उतरे आस्ट्रेलिया ने चौथे टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ अपनी पकड़ बेहद मजबूत बना ली है। चौथे दिन के लंच के तीन ओवर बाद ही आस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी भी पांच विकेट…

एक करोड़ बीस लाख भू्रण हत्याएं

(दिनेश नेगी, संधोल, मंडी) भारतवर्ष में पिछले तीन दशक में एक करोड़ बीस लाख बच्चियों को गर्भ में लिंग का पता लगाकर मार दिया गया । सेंटर फार ग्लोबल हैल्थ  रिसर्च के इस साल कराए गए सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया है। इसकी पुष्टि संयुक्त…

प्रदेश में बढ़ रही बंदरों की संख्या भी महत्त्वपूर्ण मुद्दा

(गोपाल शर्मा,लेखक, 21 जय मार्केट, कांगड़ा, से हैं) हमारे प्रदेश में बंदर भी कोई कम महत्त्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। क्या शहरी और क्या ग्रामीण नागरिक, बंदरों से सभी लोग तंग हैं। हर रोज की अखबार में एक-दो खबरें तो बंदरों के हमले की मिल ही जाती…

गुत्थी पर सवाल क्यों?

महाराष्ट्र का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) जुलाई, 2011 में मुंबई में हुए तिहरे बम धमाकों की गुत्थी सुलझाने का दावा क्यों न कर रहा हो, इस मामले में मुंबई और दिल्ली पुलिस के बीच तालमेल का अभाव कुछ सवाल लिए हुए है। एक ऐसे मौके पर जबकि मुंबई…

प्रतिमाओं का क्या

(किशन सिंह गतवाल, सतौरा, सिरमौर) यदि आज हाथी की प्रतिमाओं और माया की प्रतिमाओं को आवरण पहनाने पड़ रहे हैं, तो अन्य प्रतीकों तथा लालटेनों, साइकिलों, किले, कंघी, मुर्गे, सीढि़यां, सूरज, चांद, सितारे, पहाड़ आदि का क्या होगा? और निर्वाचन से…

दोहरे मापदंड क्यों?

(जोगिंद्र ठाकुर, कुल्लू) हमारे संविधान द्वारा सभी नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान की है। अभिव्यक्ति द्वारा किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसके लिए भी प्रावधान है। अपनी रचना, सेटेनिक वर्सेस के कारण सलमान रशदी विवादों में रहे…

क्या भीड़ से हारा संविधान ?

26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस आता है और एक सामान्य दिन की तरह बीत जाता है। देश और राज्यों की राजधानियों में एक रस्म की तरह समारोह मनाए जाते हैं। राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम्’ की स्वरलहरियां हवा में तैरते हुए, कानों के रास्ते, आत्मा तक को भिगो…

जनसंख्या समस्या या वरदान

(पीके खुराना,लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं) भारतवर्ष में 15 वर्ष से 59 वर्ष के लोगों की वृद्धि का अनुपात आबादी की वृद्धि के अनुपात से अधिक है और यह स्थिति 2030 तक बने रहने की उम्मीद है। यह वह आबादी है जो काम में लगी है अथवा…