Daily Archives

Jan 30th, 2012

घर

एक घर का ख्बाब है ये ख्बाब कायनात है घर बनता है मासूम खिलखिलाहटों से बेपनाह उमंगों से जहां शबनमी फूलों की खुश्बू एक उजास सुबह का अहसास देती है और भोर की किरणें घर आंगन के अंधेरों को रोशन कर देती हैं। हरे दरख्तों…

बूढ़े चैंपियनों के दो चेहरे

आस्टे्रलिया में ही खेल चैंपियनों के दो चेहरे सामने आए। एक ओर क्रिकेट की टीम इंडिया ने एडिलेड टेस्ट मैच 298 रनों से हार कर सीरीज में सूपड़ा साफ करा लिया। क्रिकेट इंडिया की यह एक और शर्मनाक हार है। बीते छह माह के दौरान ही इंग्लैंड में 4-0 और…

भारत में इंटरनेट पत्रकारिता

(विजय, धर्मपुर)  आधुनिक  युग में इंटरनेट पत्रकारिता ने सूचना संप्रेषण के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। इंटरनेट आज सूचना प्रौद्योगिकी का केंद्र बिंदु बन गया है। इंटरनेट के माध्यम से प्रदान किए जाने वाले समाचारों को इंटरनेट पत्रकारिता कहा…

हिमाचली कला का विजयी पक्ष

अंततः हिमाचली कला की भाषा को देश ने सुना और कलात्मक रेखाओं के पुजारी विजय शर्मा को पद्मश्री पुरस्कार मिला। बेशक यह पुरस्कार एक कलाकार के अक्स को निर्धारित कर रहा है, लेकिन हिमाचल के संदर्भ इससे जाग उठे हैं। कला क्षेत्र में आए ठहराव से बाहर…

दिव्य हिमाचल का सराहनीय प्रयास

(जयदेव सिंह, फतेहपुर, कांगड़ा)  आपके समाचार पत्र दिनांक 13-01-2012 के संपादकीय लेख ‘सरकारी जमीन की चोरी’ को पढ़कर मन को अत्यंत प्रसन्नता हुई, जिसमें आपने जिला कांगड़ा द्वारा धर्मशाला में जमीन की निशानदेही करवाने पर उसकी सराहना की है। आप…

नई विधि से बीमारी का सुलझा रहस्य

(दिनेश नेगी, अपर घनाला, मंडी) भूख न लगने की बीमारी के इलाज के लिए वैज्ञानिकों ने नई विधि ढूंढ निकाली है। सिडनी मार्निंग हैरॉल्ड की खबर के अनुसार सिडनी विश्वविद्यालय के एक दल ने प्रोफेसर स्टीफन टॉयज़ के नेतृत्व में एनोरेक्सिपा नर्बोंसा…

चुनावों के चलते पंजाब में नारों की गूंज…

(प्रो. एनके सिंह ,लेखक, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन हैं) जो कुछ भी पंजाब में घटित होता है, उसका गहरा असर हिमाचल पर भी पड़ता है।  वास्तव में काफी पुराने समय से लोगों का मानना है कि राजनीति के मामले में हिमाचल पंजाब का अनुसरण…

समग्रता का बोध ही कवि कर्म है

काव्य शास्त्र में कहा गया है कि जो काव्य विहार में समर्थ है वह सचमुच विदग्ध है। काव्य चेतना मानवीय चेतना से मिलकर समग्रता का बोध कराती है। उसमें मानवीय तन और विराट में अंतर बहुत कम हो जाता है। विपरीतता के साथ समग्रता से तन-मन आलोकित हो जाता…

लाल होता दरख्त

अब तक आपने पढ़ा कि मुन्नी पंछियों से पूछती है...पास या फेल। पढ़ें आगे... उसे याद है जब इम्तहान देने के बाद परिणामों का समय निकट आता था तो वह भी दूसरे  पंछियों को उंगलियों पर बिठाया करती...पूछती, उड़...उड़ पंछिआ पास की फैल...?  जिसका उड़…

हिमाचली भाषा की संवैधानिक मान्यता

हिमाचली भाषा के प्रति समर्पित साहित्यकारों को विश्वास था, कि गत वर्ष विधानसभा से जो प्रस्ताव पारित होकर संविधान के आठवें अनुच्छेद में सम्मानजनक स्थान पाने के लिए प्रेषित किया गया, उसे संवैधानिक मान्यता का दर्जा मिल जाएगा। वह संभवतः…