कास्ट नहीं, काबिलीयत पर मिले प्रोमोशन

कुल्लू — सरकारी नौकरियां में अगर प्रोमोशन कोटे के आधार पर मिलेगी, तो लोगों के काम सही समय नहीं हो पाएंगे। देश में काबलियत रखने वाले अफसर कोटे के आधार के कारण पीछे रह जाएंगे और जिन अधिकारियों में आगे बढ़ने की काबिलीयत नहीं होगी, वह आगे बढ़कर देश का सत्यानाश भी कर देंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा प्रोमोशन में भी कोटे की मोहर लगाना सरासर गलत है, ऐसा नहीं होना चाहिए। कुल्लू के प्रदीप शर्मा का कहना है कि जिन अफसरों में आगे बढ़ने की काबिलीयत है, वह अंत में आकर कोटे के चक्कर में पीस जाएंगे तथा वह चाहकर भी ऊंचे पदों को हासिल नहीं कर पाएंगे। देश में कर्मचारियों की प्रोमोशन उनके काम को देखकर ही की जानी चाहिए। कुल्लू के गांधीनगर के हरीश शर्मा का कहना है कि पहले भी देश में कई सरकारें प्रोमोशन में कोटा लाने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन अंत में सुप्रीम कोर्ट उसे खारिज कर चुका है। केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह फैसला भी पूरी तरह से गलत है इससे ईमानदार व मेहनती अफसर पीछे रह सकते हैं। कुल्लू के ठाकुर दास का कहना है कि नौकरी में तो कोटा चलता ही है, अब अगर प्रोमोशन में भी कोटा चला तो वे सरासर गलत होगा। सरकार को यह फैसला वापस लेना होगा। प्रोमोशन में बिलकुल भी कोटे को नहीं चलने दिया जाएगा। कुल्लू के ओम चंद का कहना है कि प्रोमोशन में कोटा लाना बिलकुल गलत है, इससे न तो देश में विकास हो पाएगा और न ही कर्मचारी सही ढंग से काम करेंगे। मंत्रिमंडल को अपना यह फैसला वापस लेना होगा। कुल्लू के अशोक कुमार का कहना है कि प्रोमोशन में अगर कोटा चलता है, तो जो देश में निट्ठले अफसर होंगे, वह तो यह सोचकर काम नहीं करेंगे कि उनकी प्रोमोशन तो कोटे में हो जाएगी, इसलिए पदोन्नति में कर्मचारियों को कोटा देना सरासर गलत है। कुल्लू के चुनी लाल का कहना है कि नौकरी हासिल करने के लिए कई लोग कोटे का इस्तेमाल कर चुके है और अगर अब भी कर्मचारियों को पदोन्नति में कोटा दिया जाएगा, तो कर्मचारी काम नहीं करेंगे साथ में आम आदमी भी परेशान होता रहेगा और देश में विकास के पहिए भी पूरी तरह से थम जाएंगे।

You might also like