पार्टी कार्यकर्ता का किरदार

{प्रेम चंद माहिल, लरहाना, हमीरपुर}

हमारे देश में बहुदलीय शासन प्रणाली है। हर दल के अपने कार्यकर्ता होते हैं, जिनकी कार्यप्रणाली पर राजनीतिक दल स्थिर रहता है। हर पार्टी में तीन प्रकार के कार्यकर्ता होते हैं। ईमानदार, कर्त्तव्यपरायण, निष्ठावान कार्यकर्ता प्रथम श्रेणी में अते हैं, जो निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा करते हैं। ये लोग पार्टी की आधारशिला माने जाते हैं। चुनाव के समय इन कार्यकर्ताओं की बहुत कद्र होती है। प्रत्याशी इनके आगे चुनावों के दिन हाथ जोड़ता कहीं भी देखा जा सकता है, परंतु चुनाव जीतने पर वही नेता इन्हें ‘आप को कहीं देखा था’, शब्दों से संबोधित करता है। पांच वर्ष तक ये लोग पश्चाताप की अग्नि में जलते हैं। कुछ कार्यकर्ता सर्वसाधरण होते हैं, जो केवल मात्र आवश्यक कार्य हेतु नेता से मिलते हैं। पार्टी की विचारधार से सहमत रहते हैं। नेता के समारोह में केवल मात्र हाजिरी लगाते हैं। कोई भी कार्य आदेश मिलने पर करते हैं। ये पार्टी के गौण कार्यकर्ता कहलाते हैं। इनकी संख्या अत्यधिक होती है। हर दल के कुछ कार्यकर्ता ऐसे भी होते हैं, जो अवसरवादी चालाक, स्वार्थी होते हैं। चुनाव समय इनके मुंह पर ताला लगा रहता है। जिधर हवा का रुख उधर हमारा मुख, किसी भी दल का हो, सर्वप्रथम बधाई देने पहुंचते हैं। हर रोज नेता दरबार में हाजिरी लगाना, नेता की प्रशंसा के पुल बांधना, सच्ची-झूठी चुगलियां लगाना, इनका प्रमुख कार्य होता है। पांच साल तक ये लोग नेता के प्रिय कहलाते हैं। लोग इन्हें नेता के चमचे कह कर पुकारते हैं। नेता की नाव डुबाने तक नेता के साथी होते हैं।

 

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