पावर आफ अटार्नी

पावर आफ आटर्नी ऐसा न्यायिक अधिकार पत्र होता है, जो किसी व्यक्ति के बदले न्यायिक या व्यावसायिक निर्णय लेने के लिए अधिकृत होता है। इसको लेटर आफ अटार्नी भी कहा जाता है। पावर आफ अटार्नी मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। जनरल और स्पेशल। जनरल अटार्नी में अधिकृत व्यक्ति को सभी तरह के ट्रांजेक्शन करने के पूरे अधिकार होते हैं, वहीं स्पेशल अटार्नी में कुछ ट्रांजेक्शन पर रोक रहती है। इस युग में उद्योगों की उपयोगिता से सभी वाकिफ है। व्यावसायिक कांट्रेक्ट और एग्रीमेंट रोजमर्रा का जरूरी अंग बन चुका है। व्यस्त जिंदगी में व्यक्ति की इन कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भरता बढ़ी है। ऐसे में उद्योगपतियों और व्यवसायियों में रोजमर्रा के कामों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ‘पावर आफ अटार्नी’ का चलन बढ़ा है।  अगर कोई व्यक्ति अपनी प्रापर्टी बेचना चाहता है और किसी कारणवश वह प्रापर्टी खरीदने वालों से सीधा संपर्क नहीं साध सकता तो उसके एवज में वह अपने किसी परिचित और विश्वासपात्र व्यक्ति को उसे बेचने का अधिकार पावर आफ अटार्नी के रूप में लिखित देता है।

पावर आफ अटार्नी के घटकः

जो व्यक्ति किसी दूसरे को पावर आफ अटार्नी के माध्यम से अधिकृत करता है, उसे प्रिंसीपल या गारंटर कहा जाता है। साथ ही जिस व्यक्ति को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाती है, उसे एजेंट या एटर्नी कहा जाता है। पावर आफ अटार्नी के मामले में समझौते का प्रपत्र कई लोगों को दिखाया जा सकता है। व्यवसायियों के अलावा अस्पताल, बैंक समेत कई संस्थान अपने विभिन्न कार्यकलापों के लिए पावर आफ अटार्नी का प्रयोग करते हैं।

कब हो सकती है पावर आफ अटार्नी रद्दः

निम्न कुछ स्थितियों में पावर आफ अटार्नी रद्द हो सकती है ः-

* गारंटर की अक्षमता या मृत्यु हो जाने पर पावर आफ अटार्नी अपने आप ही रद्द हो जाती है।

* ऐसी बीमारी जिसमें यह प्रमाणित हो जाए कि व्यक्ति की स्थिति ऐसी नहीं है कि वह पावर आफ अटार्नी किसी को ग्रांट कर सके।

You might also like