बीट बुक में दर्ज होगा हर शहरी

 शिमला — कौन सा अपराधी कहां रहता है। वर्तमान में वह क्या काम कर रहा है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को सबसे ज्यादा किसकी जरूरत है। ऐसी तमाम जानकारियां अब पुलिस के पास अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। शिमला पुलिस ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने व बढ़ती चोरियों पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया है। नई बीट व्यवस्था के तहत थाना क्षेत्र के तहत पड़ने वाली बीटों को सीमित कर वार्ड लेवल पर बना दिया है। हरेक बीट में एक हैड कांस्टेबल ,एक कांस्टेबल सहित एक गृहरक्षक गश्त में तैनात किए गए हैं। बीट पर जाने वाले कर्मचारियों को अपनी-अपनी बीट में रहने वाले आपराधिक छवि के लोग, भगोड़े, अकेले रहने वाले बुजुर्ग, संदिग्ध व्यक्ति, मनचले, आपातकालीन स्थिति वाली संस्था या अस्पतालों के नंबर आदि का पूर्ण ब्यौरा बीट बुक में दर्ज करना होगा। शिमला पुलिस ने 35 मुख्य बिंदुओं पर बीट बुक को अपडेट करने के सभी थाना प्रभारियों को फरमान जारी किए हैं। इसके तहत अब थानों की बीट बुक में बीट का नक्शा, होस्टल, सराएं, गैस्ट हाउस की सूची, शहर के महत्त्वपूर्ण पुराने भवन, महत्त्वपूर्ण सरकारी भवन, वीआईपी कालोनी, बीसीज बंडल (एबीसी), भगोड़े के नाम व पते, सेना कार्यालय के नंबर, सेंधमारी में संलिप्त व्यक्ति का ब्यौरा, शराब की दुकान की जानकारी, दवाइयों की दुकानों का पता, संदिग्ध लोगों का पता, जुआ घर, जिन जगहों पर मादक द्रव्य की खेती होती है, सीनियर सिटीजन का नाम पता, बच्चों व महिलाओं से संबंधित एनजीओ, प्रोटेक्शन आफिसर का नाम पता नंबर, घरेलू उत्पीड़न मामले में जागरुक करने वाली संस्थाओं के नंबर,  पुलिस के मुखबिरों का पूर्ण पता, हेल्पलाइन, पुलिस, व्यापार, हैल्थ व एंबुलेंस के नंबर, विधायक, एमपी व बीडीसी, प्रधान, व्यापार मंडल के प्रधान का पता व नंबर, ट्रक टैक्सी आपरेटर यूनियन के नंबर, आर्म्स एम्युनिशन, थाना क्षेत्र पर होने वाले महत्त्वपूर्ण त्योहार व मेले की तिथि, सेवानिवृत्त पुलिस अफसरों के नाम पते व टेलीफोन नंबर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, बस ट्रक टैक्सी यूनियन व विद्युत प्रोजेक्टों के नंबर, बैंक व ट्रेजरी के नाम नंबर, आईबी रॉ एंड सीबीआई के मुखिया के नंबर, साइबर कैफे की सूची, पुलिस सामुदायिक योजना से जुड़े सदस्य व ट्रैफिक वार्डनों के पूर्ण पते व उनके नंबर, मदरसा का पता, एनजीओ संस्था के नंबर व नजदीकी पुलिस थानों चौकियों के नंबर, अदालत से पेरोल पर आए अपराधियों का ब्यौरा, अपराध में संलिप्त गिरोह व उसके सदस्य का लेखा -जोखा, विवादास्पद भूमि पर लड़ने- झगड़ने वाले लोगों की जानकारी, अच्छे चरित्र के कारण अदालत से छोड़े गए आरोपी की सूची, माइनारिटी कम्युनिटी सहित सस्पेक्टड हार्ब्स की जानकारी बीट बुक में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। उधर, बीट बुक का पुनः निर्धारण करने के साथ पुलिस सामुदायिक योजना को भी चुस्त दुरुस्त रखने को कहा गया है।सामुदायिक योजना को लेकर अनदेखी करने वालों पर संबंधित अफसरों को नजर रखने को कहा गया है।

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