वर्क टू रूल से 33 रूट प्रभावित

रामपुर बुशहर — परिवहन कर्मियों द्वारा वर्क टू रूल नियम के तहत कार्य करने से पहले ही दिन रामपुर के 33 रूट प्रभावित हो गए, जिसमें 21 रूट रामुपर के व 12 रूट आनी के शामिल हैं। वर्क टू रूल के तहत डिपो के चालक व परिचालकों ने केवल आठ घंटे ड्यूटी कर बसोें को खड़ा कर दिया। ऐसे में आम आदमी को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर शाम के विभिन्न संपर्क सड़कों पर जाने वाली बसें नहीं चल पाईं। जिस व्यक्ति को इस बारे में पहले से पता था, उसने तो अपना इंतजाम कर दिया, लेकिन जो व्यक्ति बस की इंतजार में बस स्टैंड पर खड़ा था, वह बस न जाने से काफी परेशान हुआ। डिपो प्रबंधन ने कहा कि वर्क टू रूल के तहत कर्मी केवल आठ घंटे ही ड्यूटी पर आए। मंगलवार को इस नियम के लागू होने का पहला दिन रहा। पहले ही दिन रामुपर के 33 रूट प्रभावित हो गए। ऐसे में अगर ये हड़ताल आगे भी जारी रहती है, तो लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जहां पर प्राइवेट बसें चलती हैं वहां पर मंगलवार को इस बसों में भारी भीड़ दिखी, लेकिन जहां पर केवल सरकारी बसें ही चलती है वहां पर लोगों को छोटी गाडि़या कर अपने घर पहुंचना पड़ा। वही इस बारे में परिवहन कर्मी यूनियन के प्रधान राजाराम व सचिव सुरेश का कहना है कि सरकार ने जून माह मे चले आंदोलन के बाद समझौता करवाया था। इस संबंध में एक कमेटी भी गठित की गई थी। साथ ही जिस मांगों को लेकर वर्क टू रूल लागू किया गया है, वे मांगें अभी भी अधूरी पड़ी हुई हैं। यूनियन ने कहा अपनी मांगों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अनुबंध पर लगे कर्मियों को रेगुलर किया जाए, रेगुलर कर्मियों के रात्रि भत्ते को बढ़ाया जाए।

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