Daily Archives

Sep 6th, 2012

कांग्रेस से जमीन छीनने की कसम

सरकार की शक्ति, सत्ता का स्पर्श और सियासत के सारांश को लेकर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कांग्रेस के लिए सरहदें ऊंची कर दी हैं। सुविचारित कदम, समय का सदुपयोग और सारथी का सफर कैसा हो सकता है, यह साबित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को…

जिम्मेदार कौन

(सुरजीत राणा, बैजनाथ) हमारे देश की व्यवस्था में बहुत सारी खामियां हैं, जिसके लिए हम सीधे-सीधे सरकार को जिम्मेदार ठहरा देते हैं, जबकि गंभीरता से विचार किया जाए तो आज देश यदि बेरोजगारी, रिश्वतखौरी एवं जमाखौरी इत्यादि समस्याओं से त्रस्त है…

चीन से सैन्य सहयोग

भारत की यात्रा पर आए चीनी रक्षामंत्री लियांग गुंआंगली तथा भारत के रक्षामंत्री एके एंटनी के मध्य हुई बातचीत  के फलस्वरूप दोनों देश साझे सैन्य अभ्यास को जल्द बहाल करने पर ही क्यों न सहमत हुए हों, इससे उनके बीच पारंपरिक विश्वास बढ़ाने का…

दोनों हाथ खाली थे

(जग्गू नौरिया, सोलन) कोयला घोटाला दिखा रहा, कोयले जैसा रूप, हर रोज ठप हो रही संसद बर्बाद हो रहा जनता का धन मूल धन की बर्बादी करना भी घोटाले का ही है रूप फिर क्यों इस बात को नेता गए भूल या सिर्फ शोर मचाना, मीडिया में रहना…

अपनी सियासी विरासत के कुशल चितेरे थे सत महाजन

(लेखक, जगदीश शर्मा, संसदीय पत्रिका के पूर्व वरिष्ठ संपादक हैं) सत महाजन ने कभी भी नौकरशाही को अपने मंत्री पद पर हावी नहीं होेने दिया। वह विभागीय कामकाज की बारीकियों से पूर्णतः परिचित थे और फाइलों में उनकी सटीक नोटिंग के चलते सचिव स्तर के…

कानून की कसौटी पर कसाब

(सुरेश कुमार, योल) अगर कसाब भारत न आता तो  हमें पता ही नहीं चलता कि भारत में लोकतंत्र है। भारत में लोकतंत्र है तभी तो मुंबई हमले का एकमात्र जिंदा आरोपी और 166 लोगों का हत्यारा कसाब अभी तक जिंदा है और अभी और जिंदा रहेगा। फांसी का अभी ऐलान…

पर्यावरण को बचाना है तो

(कृष्ण संधु, कुल्लू) जितना भी कूड़ा-कचरा और दूसरा जैविक वेस्ट लाखों टनों में देश में पैदा हो रहा है उसे यदि रिसाइकिल नहीं किया जाता तो याद रखें यह कूड़ा-कचरा वातावरण, पानी और जमीन को ऐसा प्रदूषित कर देगा कि इस धरती पर रहने वाले हर प्राणी…

और यह भी…

(रचना गौतम, मंडी) एक ही दिन में अधीनस्थ चयन सेवाएं बोर्ड ने नौ रिजल्ट निकाल कर रिकार्ड कायम कर दिया। डर आचार सहिंता का, बिसात वोटों की और राह रिपीट की हो तो सरकार कुछ भी कर सकती है।

नकल की नजर

(पीके खुराना,लेखक, वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं) हम भारतीय पश्चिम की नकल में उन बुराइयों को अनदेखा कर रहे हैं, जो पश्चिमी देशों में रोग बन कर उभर रही हैं। यूं भी शरीर की ज्यादातर बीमारियां पेट से पैदा होती हैं, यानी, हमारा…

कास्ट नहीं, काबिलीयत पर मिले प्रोमोशन

कुल्लू — सरकारी नौकरियां में अगर प्रोमोशन कोटे के आधार पर मिलेगी, तो लोगों के काम सही समय नहीं हो पाएंगे। देश में काबलियत रखने वाले अफसर कोटे के आधार के कारण पीछे रह जाएंगे और जिन अधिकारियों में आगे बढ़ने की काबिलीयत नहीं होगी, वह…