Daily Archives

Sep 8th, 2012

सुरक्षा के लिए खतरा

आंतरिक  सुरक्षा का प्रश्न काफी समय से आम चिंता का विषय रहा है। पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पुलिस महा निदेशकों के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भी इस बारे में देश को आगाह किया ही था। खुफिया विभाग के निदेशक…

अनुबंध पर नौकरी किसी अभिशाप से कम नहीं!

(राजिंदर कुमार पंडित,लेखक, अंब से पूर्व पंचायत प्रतिनिधि ह) आखिर अनुबंध कर्मचारी को नौकरी देकर वर्षों तक उसके भविष्य को अनिश्चितता में रखने के लिए किसे दोषी माना जाए? क्या यह हमारे संविधान द्वारा प्रदत्त व्याख्यायित मौलिक अधिकारों का…

सेवानिवृत्ति के 60 वर्ष करना कितना घातक

(मनशा राम, बलद्वाड़ा, मंडी) हिमाचल प्रदेश वर्तमान में जहां बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए जूझ रहा है, वहां सात सितंबर के अखबार में छपी खबर के अनुसार सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने जा रही है। सरकार को इस तरह…

राजनीतिक सिद्धांतों को समझें

(प्रेमलाल महिंदू्र, नाहन) ज्यों-ज्यों चुनाव नजदीक आ रहे हैं, त्यों-त्यों राजनीतिक पार्टियों में विरोधाभास बढ़ता जा रहा है। सत्ता हासिल करने के लिए हर प्रकार का हथकंडा अपनाया जाना राजनीति का एक अंग है, जिसमें प्रदेश की दो बड़ी पार्टियां…

जैविक बनाम जहरीली कृषि

(लेखक, एस. धनोतिया जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय इंदौर से सेवानिवृत्त प्राध्यापक हैं) बहुराष्ट्रीय कंपनियों एवं सरकार की एक बड़ी साजिश के तहत ही किसान भ्रमित  हैं और कर्ज लेकर तथाकथित आधुनिक कृषि एवं अब जैविक कृषि के भंवर जाल में…

बात यही है सत्य

(सुरेंद्रपाल वैद्य, मंडी) कहीं-कहीं पर भारी वर्षा मगर कहीं है सूखा कहीं सड़ रहा अन्न गरीब है फिर भी भूखा मरने को अभिशप्त खा रहा दर-दर ठोकर जननेता हैं व्यस्त घोटालों में बढ़चढ़कर बात यही है सत्य मगर यह लोकतंत्र…

आरक्षण कितना सही

(अशोक बहल, जयंती विहार, कांगड़ा) भगवान द्वारा रचित सृष्टि, जिसमें वनस्पति जगत है, पशु-पक्षी हैं, पानी में रहने वाले जीव हैं, कहीं भी आरक्षण का सिद्धांत नहीं है। मानव जाति में भी आज पूरी पृथ्वी पर कहीं भी मानवों के लिए आरक्षण की व्यवस्था…

ग्रीन शिमला

हिमाचल के स्थानीय निकायों को ग्रीन करने की मुहिम, मनाली से शिमला पहंुचकर राज्य को वैश्विक सोच से भी जोड़ रही है। खास तौर पर समुद्र तटीय व पर्वतीय इलाकों की पर्यावरणीय आवश्यकताओं को देखते हुए ईको टैक्स प्रणाली के जरिए हिमाचल में पर्यावरणीय…

और यह भी…

(शगुन हंस, योल) पदोन्नति में आरक्षण को लेकर संसद में लात-घूसे चलते पूरे देश ने देखे, तो अफजल गुरु ने भी देखे होंगे। अफजल सोचता होगा संसद पर हमला करके वह यूं ही फंस गया, ये नेता तो आपस में लड़कर ही मर जाते।

बीट बुक में दर्ज होगा हर शहरी

 शिमला — कौन सा अपराधी कहां रहता है। वर्तमान में वह क्या काम कर रहा है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को सबसे ज्यादा किसकी जरूरत है। ऐसी तमाम जानकारियां अब पुलिस के पास अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। शिमला पुलिस ने कानून व्यवस्था को…