Daily Archives

Sep 13th, 2012

ग्रामीण जंजीरों से बंधे शहर

हिमाचल का ग्रामीण बना रहना, सादगी, सभ्यता या परंपरा के अलावा यह भी तसदीक करता है कि प्रगति का दस्तूर क्या है। देश में सबसे अधिक ग्रामीण होने का मतलब यह भी तो है कि हिमाचली गांव किसी शहर से कम नहीं। जाहिर तौर पर हिमाचल की ग्रामीण जीवन शैली…

जल सत्याग्रहियों की विजय

मध्य प्रदेश के खंडवा जिला में 17 दिन से जारी जल सत्याग्रह की समाप्ति को ओंकारेश्वर बांध का  जल स्तर कम करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे ग्रामीणों की नैतिक विजय के तौर पर देखना गलत न होगा। 520 मेगावाट की उत्पादन क्षमता वाली ओंकारेश्वर…

सोशल मीडिया का नया युग

इंटरनेट और ईमेल ने हमारे जीवन के ढंग में एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया था पर सोशल मीडिया ने तो एक कदम आगे जाकर सारी दुनिया को हमारी दहलीज पर ला दिया है। सोशल मीडिया ने कई सार्थक बहसों को जन्म दिया है और कई सामाजिक अभियानों को मजबूती प्रदान…

सेना क्लर्क भर्ती का परिणाम घोषित

शिमला — सेना क्लर्क भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। यह परीक्षा  29 जुलाई को राजकीय महाविद्यालय संजौली में आयोजित की गई थी। सेना के निदेशक भर्ती प्रमोद सोलंकी ने यह जानकारी दी। चयनित छात्रों में…

अनावश्यक आपत्तियां

{ज्ञान चंद शर्मा} अकसर देखने में आया है कि जब प्रदेश में कर्मचारियों को कोई आर्थिक लाभ दिया जाता है तो आलोचनाओं और अनावश्यक आपत्तियों का दौर सा शुरू हो जाता है। कर्मचारियों को प्रसन्न अथवा संपन्न करने में क्या बुराई? कर्मचारी भी तो इसी…

कुछ जन सेवाओं का जनहित में निजीकरण जरूरी

{अक्षित,  तिलक राज गुप्ता, रादौर, हरियाणा} जनता के लिए पर्याप्त और अवाधित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति तथा प्रयुक्त जल विस्तारण व्यवस्था, बिजली की नियमित आपूर्ति और प्रभावी यातायात सेवाएं उपलब्ध कराने में सरकारी तंत्र नाकाम हो चुका है। इन तीन…

और यह भी..

{चमन लाल, बंजार} सरकार ने गिरते-पड़ते ग्रेड-पे भी कर्मचारियों को दे ही दी। अब सरकार तो यही सोच रही होगी कि कर्मचारी सीधे बूथ में जाएंगे और कमल पर मुहर लगाएंगे। क्या कर्मचारियों को पता नहीं कि भाजपा-कांग्रेस की बारियां बंटी हुई हैं तो वे…

नए जिलों की प्रासंगिकता

एक अनुमान के अनुसार यदि नए स्थापित जिला में 400 नए कर्मचारियों की आवश्यकता हो तो प्रस्तावित चार जिलों के गठन के लिए 1600-1700 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी... {राज कुमार,लेखक, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंदली जिला ऊना में इतिहास के…

राजनीतिक दलों की देशभक्ति?

{कमल कांत शर्मा,  कुल्लू} एक तरफ तो सरकार ने संविधान में जाति-पाति, छुआछूत समाप्त कर रखी है तथा दूसरी तरफ आरक्षण और प्रोमोशन में आरक्षण द्वारा जाति-पाति को बरकरार रखने के हर मुमकिन प्रयास किए जा रहे हैं। है न दोहरा मापदंड? इधर, गरीबी…