Daily Archives

Sep 17th, 2012

गुनहगार सरकारी उपक्रम

(कृष्ण संधु, कुल्लू) ये कुछ एक नहीं है, बल्कि हर सरकारी उपक्रम जनता का गुनहगार है। जिस तरह कार्य संस्कृति लगभग शून्य की हालत में पहुंच चुकी है, ऐसे में कौन सा ऐसा सरकारी उपक्रम है, जो यह दिखा सके कि वह जनता की गाढ़ी कमाई का सही इस्तेमाल…

टूट रहा गांधी जी का सपना

(बलदेव राज अत्री, भटियात, चंबा) भारत देश को आजाद हुए 65 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन गरीबी-भुखमरी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचारी खत्म नहीं हुई है। भारत देश को आजाद कराने के लिए राष्ट्रपिता गांधी जी का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा था। राष्ट्रपिता का यह…

दिल्ली से आगे शिमला

शिमला के माथे पर साक्षरता का तिलक प्रदेश में शिक्षा के प्रति दिखाई गई प्रतिबद्धता का कमाल है। यहां चूल्हे-चौके के मसले और खेती के सवाल किसी को स्कूल जाने से नहीं रोकते। इसीलिए जब राष्ट्रीय आकलन होता है, तो दिल्ली, मुंबई और चेन्नई से आगे…

कहां जाएं टैक्सी चालक

(ज्ञान चंद शर्मा, ढगवाणी) वर्तमान दौर में हर कोई अपनी समस्या को ही बड़ा मानता है। सरकाघाट-संधोल मार्ग पर टिहरा कस्बे के दुकानदारों की सुने तो स्थानीय टैक्सी चालक उनकी दुकानों के आगे अपने वाहन खड़े कर उनके कारोबार को प्रभावित करते हैं।…

‘सक्रिय प्रधानमंत्री’ का चुनावी पैंतरा!

ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने मध्यावधि चुनावों की तैयारी कर ली है। यूपीए की परवाह किए बिना ही वह अब आर-पार की मनःस्थिति में महसूस होती है। हालांकि राजनीति इस आधार पर नहीं होती कि देखा जाएगा, सरकार को यह फैसला लेना ही है। प्रधानमंत्री डा.…

गुजरात में फैसला दिल्ली पर चुप्पी

(कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं) जब भी गुजरात दंगे के मुकदमे में किसी को सजा होती है, मुझे यह उम्मीद होने लगती है कि दंगे के असली दोषी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को एक न एक दिन निश्चित ही सजा मिलेगी। अभी 2002 के दंगे में…

अगले जन्म मोहे सरकारी कर्मचारी ही कीजो

(सुरेश कुमार लेखक, योल कांगड़ा से हैं) घोषणाएं बजट की बेबसी नहीं देखतीं। वोट बटोरने के लिए वाहवाही की बैसाखियां इन घोषणाओं का ही उद्घोष है। सरकारी पालने में बैठे कर्मचारी कोष पर भी कुंडली मारे हुए हैं। सरकार का हर पिटारा कर्मचारियों को…

निचार पर बरसे लाखों के तोहफे

रिकांगपिओ — प्रदेश सरकार द्वारा निचार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। निचार को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किए जाने जहां एक ओर निचार को विश्व के  मानचित्र में पहचान मिलेगी, वहीं स्थानीय लोगों को…

मंडियों तक सेब पहुंचाना टेढ़ी खीर

भावानगर — किन्नौर जिला की भावावैली के सेब बागबानों को सेब की फसल मंडियों तक पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित होने लगा है। मार्ग की हालत खस्ता होने की वजह से सेब से लदे वाहन आधे रास्ते में ही दम तोड़ रहे हैं। सेब बहुल भावावैली के लोगों को मार्ग…

श्रीश्री रविशंकर को सम्मान

शिमला — अंतरराष्ट्रीय समाजसेवी संस्था आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक, प्रख्यात धार्मिक गुरु व मानवतावादी श्रीश्री रवि शंकर को पैरागुआ के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर आर्ट आफ लिविंग की प्रदेश इकाई ने खुशी व्यक्त करते हुए…