Daily Archives

Sep 20th, 2012

लुटेरा जीते न एक

(जग्गू नौरिया, धर्मपुर, सोलन) इरादे नेता के नहीं लग रहे नेक, शोर मचाने में सब हो गए तेज विरोध ऐसा जताते, मानो बचा लेंगे जनता की कटती जेब महंगाई की रफ्तार बढ़ा रहे, फेल हो गए थामने में इनके ब्रेक जनता का शायद मूर्ख समझ के,…

चुनावी गैस में रिसाव

केंद्र के फैसलों का हिमाचली दर्द वीरभद्र सिंह से बेहतर कौन समझेगा। खास तौर पर जब प्रदेश में चुनावी सियासत का लोहा गर्म हो गया हो, उस पर हर कोई अपनी तरह चोट मारेगा। डीजल की कीमतों में आया उछाल और गैस सिलेंडरों पर सबसिडी की कटौती का जबरदस्त…

राज की नीति…

(पीके खुराना लेखक, एक वरिष्ठ जनसंपर्क सलाहकार और विचारक हैं) आरक्षण एक मुद्दा है, सबसिडी दूसरा मुद्दा। सबसिडी से जहां समाज का बहुत बड़ा हिस्सा प्रभावित होता है, वहीं आरक्षण भी समाज के एक विशिष्ट वर्ग  को लाभ पहुंचाता प्रतीत होता है। खेद…

ग्राम सभा की शक्तियों पर डाका

(कश्मीर सिंह वर्मा लेखक, भोरंज, हमीरपुर से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक आफिसर हैं) अगर निम्न खामियों पर ध्यान दिया जाए, तो निश्चित ही ग्राम सभा कोरम पूरे होंगे और क्षेत्र के लोग ग्राम सभा की बैठकों में विशेष रुचि लेंगे, जिससे सरकार द्वारा…

जनता भी चाहती है सच्चाई जानना

(लक्ष्मी चंद, सोलन) प्रथम समाचार ‘सरकार पर कोयले की कालिख’ प्रकाशित करके आपने लोगों तक तथ्य प्रस्तुत किए हैं। लाख छिपाओ छुप न सकेगा, यह राज है बहुत गहरा, परंतु यह खेद का विषय है कि माननीय प्रधानमंत्री जी पिछले डेढ़ वर्ष से जबसे काले धन…

कुडनकुलम संयंत्र का विरोध

तमिलनाडु में रूस की सहायता से बनने वाले परमाणु संयंत्र का विरोध अभी थमा नहीं है। संयंत्र का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने जल सत्याग्रह का रास्ता अपनाकर अपने तेवर तीखे करने का सबूत दिया है। भारत-रूस की मदद से कुडनकुलम में 1000 मेगावाट…

और यह भी…

(मनोज शर्मा, कसौली) गृहमंत्री शिंदे का बचकाना बयान-लोग बोफोर्ज घोटाला भूल गए ,कोयला घोटाला भी भूल जाएंगे। यानी यह बेवकूफों का देश है पर गृहमंत्री की बात में दम है और यह एक कड़वा सच है, जिसे देश पी रहा है। गृहमंत्री ने सच बताया है और सच…

यह कैसा पूर्वाग्रह

(ज्ञानचंद शर्मा, ढगवानी) आज आदमी अपने दुखों से उतना दुखी नहीं जितना दूसरों को सुखी देखकर। प्रतिष्ठित ‘दिव्य हिमाचल’ में 17 सितंबर के अंक में लिखे लेख अगले जन्म मोहे सरकारी कर्मचारी ही कीजो को पढ़कर तो यही लगा। अपने लेख में आद्योपांत…

महंगा सिलेंडर भी मयस्सर नहीं

 मंडी — मंडी शहर की गृहिणियों का कहना है कि भले ही डीजल के दाम बढ़ जाएं, इससे उनहें कोई फर्क नहीं पड़ रहा, लेकिन गैस के दाम बढ़ाए जाने से उन्हें घर का खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है। उस पर सुचारू सप्लाई न मिलने से हाल खराब है। मंडी की बालकी…

शिमला के कई होटलों में बिकता है ‘जिस्म’

शिमला — शिमला में पकड़े गए सेक्स रैकेट में जिस्मफरोशी के धंधे में लोकल युवतियां भी शामिल बताई जा रही हैं। देह व्यापार के सौदागर शहर के कई होटलों में लोकल व बाहरी राज्य की लड़कियों को ग्राहकों की डिमांड के अनुसार सप्लाई करते थे। लड़कियां…