Daily Archives

Sep 24th, 2012

केंद्रीय महिला व विकास मंत्रालय का प्रस्ताव

(ज्ञान चंद शर्मा सरकाघाट) केंद्रीय महिला व विकास मंत्रालय का यह प्रस्ताव स्वागत योग्य है की शादी विवाह में खाने पीने पर की जाने वाले खर्चों पर रोक लगाईं जाएगी! समाज में गरीब वर्ग को इस तरह के खर्चे कंगाल बनाने में मुख्य कारण बनते हंै।…

बढ़ा गए ज्ञान

(जग्गू नौरिया, धर्मपुर, सोलन) प्रधानमंत्री जी ने दिया देश के नाम संदेश कहा कड़े फैसले तो लेते रहेंगे बढ़े महंगाई, नहीं है परहेज 1991 के फैसलों की दुहाई देते रहे कहते रहे, ऐसा किया न होता, देश पर संकट गहराए होते अनेक छह से…

चार अध्यायों का सामयिक मूल्यांकन

भारतीय संस्कृति पर एक सटीक भाष्य का दर्जा प्राप्त कर चुकी राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कृति संस्कृति के चार अध्याय  को लिखते समय लेखक के मन में क्या विचार उमड़-घुमड़ रहे थे,इसकी जानकारी उन्होंने अपनी किताब की भूमिका में दी है... भारतीय…

लक्ष्मण रेखा

दीपावली आने को थी। मिठाई व पटाखों की दुकानें सज गयी थीं। मिठाई की खुशबू बच्चों को खींच रही थी। पिता को गुजरे एक वर्ष हो चुका था। मैंं दीपावली से दूर भाग रहा था। छोटे भाई में अभी मासूमियत थी। उसे मिठाई भी चाहिए थी और पटाखे भी। मैं जेब से…

और यह भी…

(पायल, शिमला) सरकार को तेल कंपनियों के घाटे की चिंता है, आम आदमी की कमर की चिंता नहीं, जो मंहगाई ने पहले ही तोड़ रखी है। किसान तो पहले ही आत्महत्या कर रहे हैं अब आम आदमी भी आत्महत्या करेगा। सरकार का तर्क कि तरक्की के लिए कीमतें बढ़ाना…

निर्वाचन विभाग के सराहनीय कदम

(किशन सिंह गतवाल, सतौन, सिरमौर) निर्वाचन विभाग ने एक बहुत अच्छा काम यह किया कि भविष्य में किसी भी चुनाव में पोलिंग बूथों पर सियासी तंबू अब नजर नहीं आएंगे। किसी भी मतदाता को राजनीतिक व्यक्ति से पर्ची लेकर अपनी राजनीतिक निष्ठा सार्वजनिक…

घट नर्तकीः फूलां चंदेल

फूलां चंदेल गर्व के साथ कहती हैं कि उन्होंने विदेशों में भी अपनी लोक कला की  धाक जमाई तथा अपने देश का शायद ही कोई कोना बचा हो जहां उनके द्वारा बिलासपुर लोक शैली के नृत्य की प्रस्तुति न की गई हो। एक ओर जहां बिलासपुरी लोक नृत्य को देश के…

संतुलन बिगड़ने की संभावना

(कुलदीप नैयर लेखक, वरिष्ठ पत्रकार हैं) न्यायमूर्ति कपाडि़या ने इस तर्क के प्रति यह कहकर सावधान किया कि प्रेस को मानहानि कानूनों से बचाकर रखा जाएगा। मीडिया के लिए बहस करने वाले किसी भी वकील ने इस सुरक्षा का जिक्र नहीं किया। पत्रकार उनके सिर…

‘हिमाचल की आवाज’ से रोशन होंगे कई दीये

(डा. एनआर गोपाल लेखक, वरिष्ठ प्राध्यापक आंग्ल भाषा एवं साहित्य रावामापा नाहन से हैं) हिमाचल स्तर पर प्रतिष्ठा प्राप्त कर राज्य के बच्चे लोकप्रिय कलाकार हो सकते हैं। विभिन्न स्थानों पर चलाए गए ‘हिमाचल की आवाज प्रतियोगिता के दौरान कई ऐसे…

एक रिक्तता को भरने की कोशिश

दादी-नानी की कहानियों की अपने यहां सुदीर्घ परम्परा रही है। ये कहानियां बच्चों का मनोरंजन ही नहीं करती,अपितु उनमें उदात्त संस्कारों के बीज भी रोपती हैं। संयुक्त परिवारों के बिखरने के साथ ही दादी-नानी की कहानियां भी विलुप्त होती जा रही हैं।…