स्किल डिवेलपमेंट कोर्स के नाम पर ठगी

शिमला — हिमाचल में स्किल डिवेलपमेंट कोर्स के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां ठगी के आरोप एक अज्ञात गैर सरकारी संस्था (एनजीओ)पर लग रहे हैं, जो कि तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल एजेंसी बनकर करीब एक माह तक प्रदेश के विभिन्न भागों में लूट करती रही। एनजीओ पर दो हजार रुपए की जगह 20 हजार रुपए प्रत्येक शिक्षण संस्थान से वसूलने के आरोप है। सूचना के मुताबिक प्रदेश में 110 से अधिक शिक्षण संस्थान इस ठगी का शिकार हुए हैं। एनजीओ कोर्स शुरू करने से संबंधी दस्तावेज व फीता लेकर प्रदेश भर में घूमता रही। संस्थान की पैमाइश जैसी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एनजीओ चलता बनी। इस प्रकार एनजीओ बेखौफ होकर लूट करती रही, लेकिन किसी को इसकी कानोंकान खबर तक नहीं लगी। एक संस्थान संचालक ने जब इसकी शिकायत तकनीकी शिक्षा विभाग से की तो विभाग में हड़कंप मच गया। बताते चलें कि भारत सरकार ने करीब पांच-छह सौ कोर्स के लिए देश के सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों से आवेदन आमंत्रित कर रखे हैं। इन कोर्स को आरंभ करने में भारत सरकार बाकायदा आर्थिक मदद कर रही है। इसके लिए संस्थान को तकनीकी शिक्षा विभाग से जांच (इंस्पेक्शन) करवानी अनिवार्य की गई है। जांच के एवज में संस्थान को दो हजार रुपए देने देने पड़ते हैं, लेकिन अज्ञात एनजीओ दो हजार की जगह 20 हजार रुपए संस्थान प्रबंधन से एंठती रही। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई संस्थान भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न पाठ्यक्रम शुरू करना चाहता है तो वह सीधे विभाग से संपर्क साधे और दो हजार रुपए फीस देकर इंस्पेक्शन करवाए। फिलहाल इस लूट प्रकरण में तकनीकी शिक्षा निदेशालय एक संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर चुका है। लिहाजा यह मामला गहन छानबीन का है। तकनीकी शिक्षा निदेशक विजय चंदन ने बताया कि विभाग ने किसी भी एनजीओ को नोडल एजेंसी नहीं बना रखा है। इसकी शिकायत मिलने के बाद विभाग ने सभी संस्थान संचालकों को आगाह किया है कि इस तरह के झांसे में न आएं।

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