डिग्री कालेज को लेकर खोला मोर्चा

पांवटा साहिब कफोटा में डिग्री कालेज का सर्वे करने के बाद निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट के बाद अब निदेशालय द्वारा जाखना में भूमि सर्वे के आदेशों के खिलाफ कफोटा क्षेत्र की जनता लामबंद होना शुरू हो गई है। इसी कड़ी में पहल करते हुए कफोटा व्यापार मंडल ने इस मुद्दे को उलझाने की राजनीति का विरोध करना शुरू कर अपनी नाराजगी जताई है। व्यापार मंडल कफोटा के प्रधान हृदय राम पुंडीर, सुरेंद्र चौहान, कमलेश पुंडीर, रमेश पुंडीर, सुरेश सैणेईक, ज्ञान चौहान आदि ने बताया कि कफोटा दर्जनों पंचायतों व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं का केंद्र बिंदु है तथा यहां पर चारों दिशाओं से हर स्कूल से बराबर की लगभग 12- 13 किलोमीटर की दूरी पड़ती है। यही नहीं कफोटा के लिए मस्तभौज, जैलभोज, टिंबी व कमरऊ क्षेत्र की तरफ से बसों व अन्य वाहनों की भारी सुविधा है। सबसे बड़ी बात यह है कि स्टेशन एनएच-72बी सड़क से जुड़ा है फिर भी कफोटा की जगह शिक्षा निदेशालय कालेज भूमि का सर्वे विस क्षेत्र के किनारे पर बसे जाखना में करने को कह रहे हैं। व्यापार मंडल ने सरकार से पूछा है कि शिलाई विस का दूसरा कालेज का जाखना में सर्वे के आदेश से प्रतीत होता है कि सरकार हिमाचल या शिलाई क्षेत्र के बच्चों के लिए नहीं बल्कि उत्तराखंड के बच्चों को कालेज की सुविधा देना चाहती है।

वरिष्ठ लोगों ने भी किया फैसले का विरोध

शिक्षा निदेशालय द्वारा कालेज का सर्वे अब जाखना में करने के आदेशों का कफोटा क्षेत्र के वरिष्ठ लोगों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के समाजसेवी सोभ राम चौहान, मुंशी राम चौहान, धर्म सिंह ठुंडु आदि का कहना है कि जाखना भी हमारे क्षेत्र का एक अभिन्न अंग है तथा वहां पर भी विकास होना चाहिए, परंतु जो संस्थान जहां के लिए उपयुक्त है उसे वहां पर खोला जाए।

अब छुट्टियों  के बाद होगा सर्वे

कफोटा कालेज भूमि का सर्वे करने वाले मुखिया व शिलाई डिग्री कालेज के प्राचार्य एएन शर्मा ने बताया कि अभी कालेज में छुट्टियां हैं तथा जब कालेज खुल जाएंगे तो वह जाखना क्षेत्र में भूमि का सर्वे करने जाएंगे।

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