बंदरों-सूअरों से तंग किसान गुस्साए

newsसरकाघाट —  हिमाचल किसान सभा के बैनर तले सरकाघाट में सैंकड़ों किसानों ने प्रदर्शन किया। जिसका नेतृत्व किसान सभा के राज्य सहसचिव कुशाल भारद्वाज, धर्मपुर खंड अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, सचिव रवि मंडयाल, गोपालपुर खंड के प्रधान दिनेश काकू और सचिव मुनीष शर्मा ने किया। किसानों ने पुराने बस अड्डे पर इकट्ठा होकर बाजार में रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय के बाहर जनसभा करके अपनी मांगों से संबंधित मांग पत्र मुख्यमंत्री, उपायुक्त मंडी, अधिशाषी अभियंता आईपीएच व अन्य अधिकारियों को एसडीएम के माध्यम से मांग पत्र भेजे। मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र में बंदरों, सूअरों व अन्य जंगली जानवरों तथा आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने, सरकाघाट व धर्मपुर में एसडीएम की नियुक्ति  जल्द करने, टीहरा, भदरोता व सरकाघाट में खाली पड़े नायब तहसीलदारों के पदों को तुरंत भरने की मांग की गई। इसके अलावा धर्मपुर के लिए अलग रसोई गैस एजेंसी खोलने व वर्तमान सरकाघाट एजेंसी की दशा सुधारने की मांग भी गई। टीहरा उपतहसील के तहत आने वाली चोलथरा, ग्रयोह, टीहरा, कोट, डरवाड़ और सज्याओपिपलू पंचायतों को संधोल तहसील में शामिल न करने की भी मांग की गई। डरवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का निर्माण कार्य जल्द करने और कोट-कौहण-करनोहल पेयजल योजना का निजीकरण न करने की भी मांग की गई। राज्य सहसचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि केंद्र सरकार का भू-अधिग्रहण अधिनियम किसान विरोधी है। वंदना गुलेरिया द्वारा कामरेड़ों के धरने-प्रदर्शन में न केवल भाषण देकर धर्मपुर में पिता व सांसद द्वारा करवाए विकास कार्यों का जमकर गुणगान किया, वहीं जिप सदस्या का भाषण समाप्त होते ही सीटू के शीर्ष नेताओं व किसान सभा के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

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