श्री स्वस्थानी माता मंदिर

Jan 3rd, 2015 12:18 am

ASTHAहिंदू धर्म में अनेक व्रतों के बारे में विस्तार से बताया गया है और धर्म कर्म के कार्यों में रुचि रखने वाले भक्त पूरी श्रद्धा के साथ इनका पालन करते हैं। ऐसी ही विश्वास और आस्था की मूर्ति है माता श्री स्वस्थानी। माता सती के शरीर त्यागने के बाद उन्होंने गिरिराज हिमालय के यहां जन्म लिया। वे महादेव को बाल्यकाल से पूजती थीं और रेत का शिवलिंग बनाकर खेलती रहती थीं। जब उनके विवाह की बात चली तो माता पार्वती घर छोड़ कर तपस्या करने वन में चली गइर्ं। उसके बाद माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें दर्शन दिए और उनके मन की बात जाननी चाही और उपदेश दिया  कि यदि तुम मुझे पति रूप में पाना चाहती हो तो इसका उपाय स्वयं भगवान विष्णु ही बता सकते हैं। तब माता पार्वती ने भगवान विष्णु की अराधना आरंभ कर दी। पार्वती की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने माता पार्वती को दर्शन दिए और बोले हे पार्वती! मैं तुम्हारी भक्ति से प्रसन्न हूं मांगो, क्या मांगना चाहती हो। तब पार्वती ने कहा कि हे प्रभु! आप जानते हैं कि मैं बाल्यकाल से ही महादेव जी को पति रूप में पूजती हूं। अतः मुझे ऐसा उपाय बताएं जिसको करने से मैं महादेव को पति रूप में पा सकती हूं। तब भगवान विष्णु ने कहा हे पार्वती! आज मैं तुम्हें एक एक  ऐसे व्रत के बारे में बताऊंगा, जो इस संसार में सब व्रतों से उत्तम है। इस व्रत को करने से मनुष्य को इतना फल मिलता है कि वो इस लोक में ही उसका सुख नहीं भोगता अपितु मृत्यु के बाद भी शिवलोक में स्थान ग्रहण करता है। यह व्रत श्रीस्वस्थानी माता जी का व्रत है। उसके बाद भगवान ने पार्वती जी को इस व्रत को करने की संपूर्ण विधि बताई और आशीर्वाद देकर चले गए। उसके बाद माता पार्वती ने विधि विधान से इस व्रत को किया और महादेव को पति रूप में पाया। जब माता पार्वती जी ने श्रीस्वस्थानी माता जी के व्रत का प्रत्यक्ष प्रभाव देखा तो उन्होंने महादेव जी से कहा हे प्रभु! श्रीस्वस्थानी माता जी के  व्रत और प्रभाव से मैंने आपको पति के रूप में पाया है। इस व्रत को करने के बाद ही मेरी यह मनोकामना पूर्ण हो पाई है। इसलिए मैं सोच रही हूं कि इस संसार में अनेक तरह के प्राणी, अनेक तरह के कष्ट भोग रहे हैं। अतः उनके कष्टों का निवारण करने के लिए और इस संसार का कल्याण करने के लिए, इस व्रत के बारे में उन सब लोगों को बताना चाहिए, जो अपने कष्टों के कारण एक ऐसे उपाय की खोज में हैं, जिससे उनके कष्टों का निवारण भी हो सके और वो भक्ति मार्ग पर भी चल सकें। तभी इस व्रत का मुख्य उद्देश्य पूरा होगा। अतः मेरी यह इच्छा है कि इस व्रत के प्रचार के लिए आप मेरी मदद करें। तब महादेवजी बोले हे पार्वती! तुम्हारी परोपकार की भावना को देखकर मैं बहुत प्रसन्न हूं अतः इस कार्य के लिए अश्वत्थामा ऋषि जी को सबसे पहले रसातल में भेजा जाए। तब माता पार्वती जी ने ऋषि जी को बुलाया और विष्णु भगवान द्वारा बताई गई इस व्रत की विधि को उन्हें बताया और रसातल में इसके प्रचार के लिए उन्हें भेजा। उसके बाद माता पार्वती जी ने दूसरी बार सप्तऋषि को इस व्रत के प्रचार के लिए पृथ्वी पर भेजा। इस प्रकार पहली बार यह व्रत भगवान विष्णु जी के कहने पर देवलोक में माता पार्वती ने किया था, रसातल में शंखचूड़ नाग की स्त्री हीरावती, रत्नचूड़ नाग की स्त्री रत्नावती, कृपादत्त नाग की स्त्री मृगावती, धार्तराष्ट्र नाग की स्त्री मदनावती ने अश्वत्थामा ऋषि के साथ किया था और सप्तऋषि के कहने पर पृथ्वीलोक में गोमा ब्राह्मणी ने यह व्रत किया था। इस व्रत को स्त्री पुरुष सभी कर सकते हैं। व्रत की संपूर्ण विधि राजा नवराज की व्रत करने की कहानी में निहित है।  कैसे पहुंचे- यहां आने के लिए दिल्ली आई.एस. बी.टी से सीधी बस सेवा रक्कड़ के लिए उपलब्ध है। दिल्ली से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से रूपनगर (रोपड़) आनंदपुर साहिब से नंगल, नंगल से ऊना, ऊना से हमीरपुर रोड़ पर 20 किलोमीटर की दूरी पर रक्कड़ स्थित है। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से हिमाचल एक्सप्रेस ट्रेन से भी आप अंब रेलवे स्टेशन पर पहुंच सकते हैं। आप बस या टैक्सी से रक्कड़ आ सकते हैं। यह स्थान शक्तिपीठ चिंतपुरणी और ज्वालामुखी से 20 किलोमीटर दूरी पर रक्कड़ में स्थित है।

– विनोद शर्मा, एडवोकेट, उच्चतम न्यायालय

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या आपको सरकार की तरफ से मुफ्त मास्क और सेनेटाइजर मिले हैं?

View Results

Loading ... Loading ...


Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV Divya Himachal Miss Himachal Himachal Ki Awaz