हथेली पर नए साल का सूरज

By: Jan 1st, 2015 12:15 am

हर दिन हलाल होती जमीन, जरूरत और जिंदगी के सामने फिर एक नया साल। आशाओं के लबादे, अतीत के  घूंघट और निर्वस्त्र होती महत्त्वाकांक्षा के सामने एक मासूम वर्ष की शुरुआत, जो हमारे कारण चलेगा, बोलेगा और पहचाना जाएगा। हर शख्स ऐसे परिवर्तन, प्रगति और परिवेश की ख्वाहिश करेगा, जहां किसी के लिए संभावना की कोई कमी न हो। हिमाचली परिप्रेक्ष्य में घिनौने अतीत के सायों को रोकने के लिए प्रार्थना, प्रयास और प्रयोग का शुभारंभ हम कर सकते हैं, ताकि वर्ष का हर लम्हा विकास काल सरीखा अनुभव जोड़ता रहे। हम यह अरदास तो कर सकते हैं कि इस साल सबके घर आबाद रहें और तरक्की का हर पैगाम हिमाचल की संस्कृति और समाज की रूपरेखा को सशक्त करे। दुर्भाग्यवश हमारी तरक्की के निरंतर प्रवाह के साथ हमारी संवेदना भी रिसने लगी। आर्थिक विकास से निजी विकास की उपलब्धियों का सारा साजो सामान हिमाचल के हर कोने तक पहुंच गया। गांव बड़ा हो गया, शहर अपनी ऊर्जा से लबालब, लेकिन समाज के एक छोर पर नशे का कब्जा हो गया। स्कूल, कालेज और विश्वविद्यालयों की भीड़ के बीच कोई निर्दोष युवा क्यों विचलित हो गया। ये किसके हाथ हमारी युवा पीढ़ी की ओर बढ़ रहे हैं और हर दिन ऐसा जहरीला स्वाद परोस रहे हैं। हमारी गली शिकायत करती है, विकास के पत्थर रोते हैं, लेकिन कहीं युवा मंडली के घोर अपराध के सामने समाज को शर्म नहीं आती। यह साल युवा कसौटियों को बिखरने न दे और किताब के विषय नशे में दब न जाएं, हम यह प्रयास कर तो सकते हैं। हमारी छोटी-छोटी कोशिश या सहमति से यह देश तरक्की के मायने बदल सकता है। मसलन सफाई अभियान में जुटा देश हिमाचल के हर गांव और कस्बे की तस्वीर भी देख रहा है। नए वर्ष के जश्न की गूंज से नहाए प्रदेश के लिए हर सौगात का अर्थ, हमारी सोच की नवीनता से जाहिर होना चाहिए। हम अपनी रूढि़यों से कितना आगे निकलते हैं या सामाजिक-सामुदायिक दायित्व की बुनियाद जितनी बुलंद होगी, हिमाचल के लिए साल का सारा श्रम लाभकारी होगा। बेशक हिमाचल ने हर साल के आईने में खुद को हमेशा नए मुकाम पर देखा और इसकी वजह युवा पीढ़ी है, जो हर दिन कसरत का मुआयना करती है। देश की प्रतिभा का मूल्यांकन, हिमाचली संदर्भों को ऊंचा कर देता है, लेकिन इसी बीच अपराध को चिन्हित करता एक ऐसा हिमाचल भी है, जो हमें खबरदार करता है। लुटते एटीएम, घरेलू हिंसा और कहीं प्रदेश की भोली-भाली सूरत पर डाका डालता उन्माद आखिर हमारे बीच आया कहां से। आर्थिक प्रगति की राहें अब हिमाचली बाजार को नई परिभाषा दे रही हैं। छोटे कस्बों तक पहुंची रिटेल मार्केट और ब्रांड के प्रति मोहित होते हिमाचली समाज ने अपना हुलिया बदल लिया। ई कामर्स के उत्थान में हर घर में संभावना के दीये जल रहे हैं और इसीलिए अमेजन, फ्लिपकार्ट, जबान्ग या स्नैपडील के मार्फत देश के उत्पादन हिमाचल तक आते हैं। पूरे प्रदेश में हर ब्रांड की गाडि़यां, खाने का बदलता मूड और खुलते रेस्तरां चेन अगर हमारी उपलब्धियां हैं, तो कहीं हर रोज सड़क दुर्घटनाओं के बहाने मौत हमारे सिरहाने आकर खड़ी हो जाती हैं। हिमाचली नागरिकों की आर्थिक क्षमता के बीच प्रदेश का खजाना दिखाई नहीं देता। ऐसे में क्या हम आने वाले साल को अपने लिए देखेंगे या हिमाचल को समर्पित करेंगे। हमने चर्च की घंटियों में खुशी को आमंत्रित किया, दिवाली की लौ में खुद को देखा, लेकिन अब पहाड़ के पीछे से निकलते सूर्य की रोशनी को क्या अपनी हथेली में पकड़ पाएंगे। हिमाचल के लिए नए साल को निरूपित करती आशाओं का बसेरा केवल हमारी निजी छत नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के आकाश की खोज है। आर्थिक तौर पर नए साल की किरणें हिमाचली पैबंदों से रू-ब-रू हैं। साल का आगाज क्या खुशफहमी में गुजर जाएगा या हम अपना वास्तविक आधार ढूंढ पाएंगे। वास्तव में हिमाचल को इनसानों की बस्ती में बदलने के लिए सार्वजनिक उपायों के साथ-साथ, सामुदायिक संबंधों की किश्ती चाहिए, जो साल की धाराओं के साथ नित नए किनारे खोज पाए। यह प्रदेश न मूर्ति चोरों की वजह से जाना जाए और न ही थलौट त्रासदी का मूकदर्शक बने, यह प्रयास समाज को भी करने होंगे।

Himachal List

Free Classified Advertisements

Property

Land
Buy Land | Sell Land

House | Apartment
Buy / Rent | Sell / Rent

Shop | Office | Factory
Buy / Rent | Sell / Rent

Vehicles

Car | SUV
Buy | Sell

Truck | Bus
Buy | Sell

Two Wheeler
Buy | Sell

Polls

क्या सड़कों को लेकर केंद्र हिमाचल से भेदभाव कर रहा है ?

View Results

Loading ... Loading ...

Miss Himachal Himachal ki Awaz Dance Himachal Dance Mr. Himachal Epaper Mrs. Himachal Competition Review Astha Divya Himachal TV