(डा. भरत झुनझुनवालालेखक, आर्थिक विश्लेषक एवं टिप्पणीकार हैं) जहां किसी उद्यम के अप्रत्यक्ष लाभ अधिक हों, केवल वहां रिसाव की मार को देश द्वारा वहन करना उचित होता है। जिन क्षेत्रों में उद्यमी ने क्षमता हासिल कर ली है, उनसे सरकार को पीछे हट जाना चाहिए। तेल रिफाइनरी, बैंक, बीमा, कोयला, तांबा तथा अन्य खनिजों

(सुरेश कुमार, योल) मुख्यमंत्री प्रवास पर घोषणाओं की झड़ी लग रही है। लंज और तकीपुर में कालेज खुल गए हैं। जो कालेज पहले के खुले हैं, उनमें न स्टाफ है और न ही भवन। कहीं तहसील खुल रही है, तो कहीं स्कूल पदोन्नत हो रहा है। खबर यह भी पढ़ने को मिली कि एक स्कूल

(अनुज कुमार आचार्य लेखक, बैजनाथ से हैं) स्वच्छता संबंधी आधारभूत सुविधाओं का न होना स्वच्छता अभियान का सिरे न चढ़ने को एक बड़ा कारण है। अपेक्षित स्थानों पर कूड़ेदान की व्यवस्था, सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, कूड़ा-कचरा निपटान संयंत्र, वाहन एवं मशीनरी की व्यवस्था अगर हो जाए तो निःसंदेह उसके बाद जनता भी सजग होगी… हिमाचल

राजनीतिक कब्रगाह से शिलान्यास खोजकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सौहार्द के पुष्प बरसाने की कोशिश की है। कांगड़ा बचत भवन परियोजना के दो दशकों से दफन पत्थर फिर जिंदा हुए तो इसलिए कि वर्तमान मुख्यमंत्री ने एक पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार के अंदाज की मर्यादा का सम्मान किया। शीतकालीन प्रवास के दौरान शांता कुमार की

(कर्ण सिंह पठानिया, छोटा शिमला) देश में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद बार-बार भारतीय सब्र की परीक्षा लेता रहा है।  अब यही आतंकवाद उसके लिए खुद एक बड़ी समस्या बन चुका है, फिर भी पाकिस्तान उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई करेगा, ऐसी उम्मीद भी नहीं की जा सकती। इसी आतंकवाद के साए में भारत-पाक रिश्तों पर

(कृष्ण अवतार सूरी, अंबाला छावनी) न तो सूरज से दिन निकलता है, न तारों से रात होती है, दर-ओ-दीवार पर जब गोलियों की बरसात होती है। अपने ही घर में कैद हैं सहमे हुए खामोश चेहरे, हाल पूछो इनका तो नम आंखों से बात होती है। छाया है हर तरफ  सन्नाटा हर मंजर वीरान है,

(नवीन कुमार, सुजानपुर टिहरा) देश भर में स्वच्छ भारत अभियान चलाए जाने के बाद देश भर में सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों की मानसिकता काफी हद तक बदली है। फिर भी देश को पूरी तरह से स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए फिलहाल एक लंबा सफर तय करना होगा। इस मंगल कार्य के लिए देश

पालमपुर —  सुलाह विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जनसभा तक लोगों को पहुंचाने के लिए लगाई गई सरकारी बसों का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। जानकारी के अनुसार रैली के लिए किराए पर भेजी गईं बसों के कारण पालमपुर डिपो के अनेक रूट सोमवार को प्रभावित हुए। बिना किसी पूर्व सूचना के भेजी

डरोह, सुलाह, भवारना —  सुलाह विधानसभा क्षेत्र के भेडू महादेव गांव में सोमवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने 49 करोड़ रुपए के शिलान्यास किए। इस दौरान 38 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली उठाऊ पेयजल योजना कंगेहण से ठंबू का शिलान्यास किया। इस योजना से सुनपुर, लाहडू, परौर, खड़ौठ, बलोटा, टंग, भटियाड़ा, पुड़वा, समन,

कांगड़ा —  माता बज्रेश्वरी मंदिर में आयोजित होने वाले मकर संक्रांति पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसको लेकर जहां मंदिर परिसर को फूलों से सजाया जा रहा है, वहीं मंदिर मार्ग पर लगी कैनोपी में लाइटों से सजावट की जा रही है। उधर, माता