कंदरौर पुल से हमीरपुर डबललेन, नहीं उजड़ेंगे कुल्लू-भुंतर

हमीरपुर— प्रदेश के सबसे संकरे नेशनल हाई-वे मटौर-शिमला पर केंद्र सरकार मेहरबान हुई है। इस हाई-वे में कंदरौर पुल से लेकर हमीरपुर तक आधुनिक तकनीक से डबललेन हाई-वे बनेगा। इसके लिए केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय ने 284 करोड़ की राशि जारी कर दी है। अहम है कि 46 किलोमीटर के प्रस्तावित इस डबललेन हाई-वे के दस पुलों का भी नई तकनीक से निर्माण होगा। हमीरपुर से कंदरौर तक के हाई-वे के लिए जारी हुई इस राशि से ऊना-अंब की तर्ज पर डबललेन हाई-वे बनेगा। नेशनल हाई-वे प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता सत्यव्रत शर्मा ने खबर की पुष्टि की है। उनका कहना है कि 46 किलोमीटर के डबललेन हाई-वे और इसमें प्रस्तावित दस नए पुलों के निर्माण के लिए केंद्रीय भूतल मंत्रालय ने 246 करोड़ जारी कर दिए हैं। उनका कहना है कि जल्द ही भूमि अधिग्रहण कर अगले तीन-चार महीनों में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि कंदरौर से लेकर हमीरपुर तक का 46 किलोमीटर का सड़क मार्ग प्रदेश के हाई-वे में सबसे संकरा मार्ग है। इस मार्ग पर स्थित पुलों पर बस ले जाना भी आसान नहीं है। ऊना-अंब हाई-वे की तर्ज पर इसे डबललेन किया जाएगा और दोनों तरफ किनारों में पार्किंग तथा ओवरटेकिंग के लिए अतिरिक्त स्थान छोड़ा जाएगा। बिलासपुर से कंदरौर तक मंजूर दस पुलों का निर्माण इपीपी मोड पर होगा। कंस्ट्रक्शन कंपनियों को पुल का डिजाइन खुद तैयार करना पड़ेगा और इसके निर्माण से लेकर रखरखाव तक का सारा जिम्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी का होगा।

 बाशिंग— भुंतर-शमशी के साथ ही रघुनाथ की नगरी कुल्लू में रहने वाले देव समाज के लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। एनएच फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए रियासतकालीन शहर कुल्लू और आसपास के रिहायशी इलाके नहीं उजड़ेंगे। अलबत्ता फोरलेन प्रोजेक्ट ने बजौरा हाट से कुल्लू के रामशिला पुल-घराकड़ तक के दायरे में एनएच किनारे रहने वाले लोगों की नींद उड़ाकर रख दी है। इलाके  में सैकड़ों परिवार विस्थापन की आशंका से त्रस्त होने लगे हैं। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के अंतर्गत सरकार ने बजौरा तक नोटिफिकेशन कर दी है, जबकि सूत्र बताते हैं कि दूसरे चरण का बजट केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने प्रकाशन के लिए भेज दिया है। इस बीच एनएच प्रोजेक्ट के अधिकारियों की ओर से मिल रहे संकेतों से साफ लग रहा है कि एनएच किनारे रहने वाले अधिकतर लोगों को देर-सवेर विस्थापित होना ही पड़ेगा। एनएच फोरलेन प्रोजेक्ट के लिए जिला में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के साथ ही साफ हो गया है कि भुंतर, शमशी, मौहल, बदाह से लेकर गौरवमयी इतिहास रखने वाले रियासतकालीन शहर कुल्लू इसके दायरे में आने से बाल-बाल बच गए। बजट के मुताबिक फोरलेन प्रोजेक्ट बजौरा के हाट गांव से होकर दियार फाटी एरिया को कवर करते हुए लेफ्ट बैंक जिया से रामशिला घराकड़ तक बनेगा। भुंतर-कुल्लू के लोग भले ही इस स्तर पर बड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन जो दायरा फोरलेन प्रोजेक्ट में कवर हो रहा है, वहां पर बसने वाले लोगों को विस्थापन का दंश अभी से सालने लगा है।

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