टीबी-ब्लड प्रेशर की दवाइयां बेकार

NEWSबीबीएन—टीबी, उच्च रक्तचाप, संक्रमण, डिपे्रशन, पेट दर्द आदि के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं सबस्टैंडर्ड पाई गई हैं। यह खुलासा सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन की जांच में हुआ है। इस जांच में 13 नामी दवा कंपनियों में निर्मित 17 तरह की दवाइयां गुणवता मानक ों पर खरा नहीं उतर सकी हैं। दवा कंपनियों की इस फेहरिस्त में प्रदेश के पांच दवा उद्योग भी शामिल है, जिनमें निर्मित छह दवाइयां जांच में फेल हुई हैं। इस अलर्ट के बाद हरकत में आते हुए राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर उन्हें बाजार से फेल हुए दवा उत्पादों का पूरा बैच तत्काल हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा संबधित क्षेत्र के ड्रग इंस्पेक्टर्ज को इन दवा कंपनियों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन ने फरवरी माह में देश भर से विभिन्न स्थानों से दवाइयों के सैंपल जांच के लिए थे, जिसमें से 13 नामी फार्मा कंपनियों में निर्मित 17 तरह की  दवाइयां गुणवता जांच में मानकों पर खरा नहीं उतर पाई हैं, इनमें से छह दवाइयां बद्दी, नालागढ़, संसारपुर टैरेस स्थित दवा उद्योगों में बनी हैं। इन दवाओं में इंजेकशन के  अलावा टैबलेट व कैप्सूल शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, दमन, पुड्डुचेरी, चेन्नई, ओरंगाबाद बंगलूर व महाराष्ट्र की दवा कंपनियों क ी दवाओं के सैंपल भी फेल हो गए हैं। केंद्रीय नियामक के निर्देशों के बाद राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण ने ड्रग अलर्ट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबधित कंपनियों को फेल हुई दवाइयों के बैच बाजार से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इन दवाइयों के यह सैंपल सीडीएससीओ ईस्ट जोन कोलकाता, सीडीएससीओ वेस्ट जोन मुबंई, सीडीएससीओ साउथ जोन, सीडीएससीओ सब जोन बंगलूर, सब जोन गोवा, ड्रग्स क ंट्रोल विभाग अरुणाचल प्रदेश, सीडीएससीओ सब जोन चंडीगढ़ व जे एंड के सरकार ने भरे थे। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन ने देश भर में परीक्षण के दौरान गुणवता मानकों पर खरा न उतरने वाले दवा उत्पादों के बारे में आम जनता को सूचित करने के मकसद से ड्रग अलर्ट जारी करने की कवायद शुरू कर रखी है। सीडीएससीओ द्वारा फरवरी 2015 के ड्रग अलर्ट में हिमाचल में स्थापित जिन पांच दवा उद्योगों की दवाओ के सैंपल परीक्षण के दौरान फेल हुए हैं, वे कांगड़ा के संसारपुर टैरेस, नालागढ़ के किश्रनपुरा, बद्दी के भुड , ईपीआईपी झाड़माजरी कसौली तहसील के मंधाला गांव में स्थापित हैं। भुड्ड स्थित दवा उद्योग की दो दवाइयां मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं। उधर, इस बाबत स्टेट ड्रग कंट्रोलर नवनीत मारवाहा ने बताया कि सीडीएससीओ के निदेशों के  आधार पर इन दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें बाजार से फेल हुए दवा उत्पादों का पूरा बैच उठाने के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टरों को इन उद्योगों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि जिन उद्योगो में निर्मित दवाइयां बार-बार फेल हो रही हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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