डी-ग्रेड कर अर्की तहसील वीरान

सोलन— प्रदेश सरकार ने नगरोटा बगवां व बलद्वाड़ा तहसीलों को अपग्रेड करके जहां दर्जनों पद सृजित कर दिए हैं, वहीं प्रदेश की सबसे पुरानी तहसीलों में शुमार अर्की को डीग्रेड करके सी श्रेणी में ला दिया है। अर्की तहसील से अब नायब तहसीलदार, चार क्लर्कों सहित कई अन्य पद दूसरे स्थानों पर समायोजित किए जा रहे हैं। सरकार ने भदरोटा उपतहसील में भी दस पदों का सृजन करके वहां की जनता को बड़ी राहत दी है। पूरे प्रदेश में कई तहसीलों व उपतहसीलों में नए पद सृजित करके व उनका दर्जा बढ़ाकर सरकार ने खूब वाहवाही बटोरी है, लेकिन सिर्फ अर्की तहसील ही प्रदेश में ऐसी है, जिसे सी श्रेणी के तहत लाया गया है। हालांकि इसकी कवायद बीते भाजपा शासनकाल के दौरान 2012 में ही शुरू हो गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा जारी आरईवी-ए(डी)१-८/२००७-ढ्ढ दिनांक २७ फरवरी, २०१५ की अधिसूचना के बाद अर्की क्षेत्र की जनता में हड़कंप मच गया है। सरकार ने नगरोटा बगवां तहसील के लिए एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार, एक अधीक्षक, एक कार्यालय कानूनगो, चार क्लर्क, एक चपरासी सहित कुल 19 पद सृजित किए हैं। इसी तरह बलद्वाड़ा तहसील में कुल नौ पद तथा भदरोटा उपतहसील के लिए दस पद सृजित करके उन्हें भरने की घोषणा की है। अर्की निर्वाचन क्षेत्र की दाड़लाघाट उपतहसील के लिए सृजित किए गए सात पदों में नायब तहसीलदार, आफिस कानूनगो, पटवारी, दो लिपिक, एक डाटा प्रोसेसर व एक सफाई कर्मचारी का पद शामिल है। दाड़लाघाट उपतहसील में भेजे जाने वाले अधिकांश कर्मचारियों को अर्की तहसील का दर्जा घटाकर उसी में से समायोजित किया गया है। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों के मुताबिक 25 से ऊपर पटवार सर्किल वाली तहसील को ए श्रेणी, 15-25 तक को बी श्रेणी तथा 15 से कम पटवार सर्किल वाली तहसीलों को सी श्रेणी में रखकर उसी के अनुसार पदों का सृजन किया जाता है। प्रदेश में शिलाई (सिरमौर), कंडाघाट सहित आज भी कई अन्य ऐसी तहसीलें हैं, जिनके तहत 15 से कम पटवार सर्किल हैं, लेकिन उन्हें सी श्रेणी में नहीं रखा गया है।

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