शिक्षा बोर्ड वापस भेजेगा कर्मी

धर्मशाला — प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में कार्यरत इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन के कर्मचारी वापस भेजे जाएंगे। ये कर्मचारी शिक्षा बोर्ड में हुए फर्जीबाड़े से पहले रिजल्ट बनाने का काम करते थे, लेकिन बदलते परिवेश में जब बोर्ड को हाईटेक किया गया तो इनका काम भी समाप्त हो गया। अब करीब पांच सालों से शिक्षा बोर्ड को न चाहते हुए भी इन कर्मचारियों को वेतन सहित अन्य सभी सुविधाएं मुहैया करवानी पड़ रही हैं, जिससे शिक्षा बोर्ड पर सालाना 65 लाख से अधिक का बोझ पड़ रहा है। शिक्षा बोर्ड ने मौजूदा समय में कम्प्यूटरीजेशन पर करोड़ों रुपए खर्च करने के अलावा व्योम कंपनी से समझौता किया है, जो बोर्ड के परीक्षा परिणाम का काम कर रही है।  प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की अहम बैठक में इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन से सेकेंडमेंट आधार पर लिए गए करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को वापस भेजने का निर्णय लिया है। ये कर्मचारी शिक्षा बोर्ड में दशकों से काम कर रहे थे। करीब पांच साल पहले इनका परिणाम बनाने का मूल काम समाप्त कर दिया गया था। शिक्षा बोर्ड में हुए फर्जीबाड़े के बाद किए गए बड़े बदलाव के चलते हुए कम्प्यूटरीकरण में इनका काम समाप्त हो गया है, जबकि शिक्षा बोर्ड को इन कर्मचारियों पर हर वर्ष लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं, जिसका शिक्षा बोर्ड के अपने कर्मचारी भी लंबे समय से विरोध कर रहे थे। अब बोर्ड प्रबंधन ने अहम बैठक कर इन्हें वापस भेजने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

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