एमसीआई टीम लगाएगी मेडिकल कालेज पर मुहर

हमीरपुर —  हमीरपुर मेडिकल कालेज की स्थापना पर मुहर लगाने के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम इस माह आ रही है। एमसीआई की तीन सदस्यीय टीम यह भी तय करेगी कि मेडिकल कालेज हमीरपुर अस्पताल में शुरू होगा या नहीं। राज्य सरकार ने मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए सभी दस्तावेज जमा करवा दिए हैं। इस आधार पर एमसीआई की टीम अब अगले पांच सप्ताह के भीतर किसी भी समय राज्य सरकार के दावों की जांच के लिए हमीरपुर आ सकती है। पुख्ता सूत्रों के अनुसार मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य अगस्त माह में शुरू होगा। इससे पूर्व मेडिकल कालेज को टेंपरेरी बेस पर चलाने क लिए क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर को चिंहित किया है। अब आखिरी फैसला एमसीआई की टीम लेगी कि यहां मेडिकल कालेज शुरू हो सकता है या नहीं। कालेज के निर्माण के लिए केंद्रीय मेडिकल कंस्ट्रक्शन विंग के साथ एचसीसी निर्माण कंपनी स्पाट विजिट कर चुकी है। अप्रैल माह में हमीरपुर पहुंची कंपनी ने अगस्त माह में इसका निर्माण कार्य शुरू करने का दावा किया है। उल्लेखनीय है कि एचसीसी कंपनी ने टांडा मेडिकल कालेज की सुपरस्पेशियलिटी कांप्लेक्स का निर्माण किया है। इस आधार पर कंस्ट्रक्शन विंग ने हमीरपुर मेडिकल कालेज का काम भी इसी कंपनी को देने का फैसला लिया है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज के लिए हमीरपुर-नादौन नेशनल हाई-वे पर रंगस के समीप जोलसप्पड़ में 331 कनाल भूमि चिन्हित की गई है। इस जमीन पर पेड़ न होने के बावजूद राजस्व रिकार्ड में इसकी फारेस्ट लैंड की एंट्री ने पेंच डाल दिया है। इस कारण यह लैंड ट्रासंफर का मामला राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा गया है। इस जमीन को स्वास्थ्य विभाग के नाम ट्रांसफर करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय का एनओसी जारी होना जरूरी है। इसके लिए वन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र आधार होगा। बताते चलें कि मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए कुल 19 अलग-अलग सर्टिफिकेट भेजे गए हैं। अब तमाम सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं और एमसीआई की टीम किसी भी समय हमीरपुर पहुंचकर वास्तु स्थिति का जायजा ले सकते हैं।

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